इस तनाव के बीच पाकिस्तान सुपर लीग पर भी खतरा मंडराने लगा है। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड भी घबरा गया है। भारतीय सैन्य हमलों से परेशान पीसीबी ने पीएसएल को रोकने पर चर्चा करने के लिए एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई है, क्योंकि इसमें कई विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। रिपोर्ट्स में तो यह भी बताया जा रहा है कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को वापस बुला सकता है। दो इंग्लिश खिलाड़ियों ने वापसी की इच्छा भी जताई है। इंग्लैंड के सात खिलाड़ी - सैम बिलिंग्स, जेम्स विंस, टॉम करन, डेविड विली, क्रिस जॉर्डन, टॉम कोहलर-कैडमोर और ल्यूक वुड - पीएसएल में शामिल हैं। इनमें से बिलिंग्स और जॉर्डन ने घर लौटने की इच्छा जताई है।
रावलपिंडी में कराई जा रही इस टी20 लीग में छह फ्रेंचाइजी शामिल हैं और यह अंतिम चरण में है। इसका समापन 18 मई को लाहौर में होना है। बोर्ड के एक विश्वसनीय सूत्र ने कहा कि पीसीबी लीग जारी रखने के बारे में सरकार की सलाह का पालन करेगा और बृहस्पतिवार को चर्चा करेगा। सूत्र ने कहा, 'बुधवार से भारत द्वारा पंजाब प्रांत में किए गए ड्रोन हमलों के कारण बैठक में स्थिति की समीक्षा की जाएगी।'
पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सलमान नसीर ने भी रावलपिंडी में विदेशी खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि पीसीबी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। पीसीबी पीएसएल को रद्द भी कर सकता है। हालांकि, पाकिस्तानी मीडिया ARY न्यूज के मुताबिक, लाहौर और रावलपिंडी में होने वाले 10 मैचों को कराची शिफ्ट किया जा सकता है। इससे पहले सात मई को पीसीबी ने प्रेस रिलीज जारी कर कहा था कि पीएसएल तय शेड्यूल के मुताबिक जारी रहेगा, लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा है।