पेटीएम को अगले चार सालों तक भारत में होने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के टाइटल स्पांसर अधिकार मिल गए हैं जिसका स्वामित्व वन 97 (one 97) कम्युनिकेशंस के पास है।
इन अधिकारों को हासिल करने के लिए कंपनी ने 203.28 करोड़ रुपये की सफल बोली लगाई। बीसीसीआई की मार्केटिंग कमेटी की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। बैठक लगभग पांच घंटे चली।
हर मैच के लिए आधार मूल्य 1.68 करोड़ रुपये था और अंतिम मूल्य 2.42 करोड़ रुपये तय हुआ। यह मूल्य पिछले स्पांसर माइक्रोमैक्स से 40 लाख रुपये ज्यादा था। 2014-15 में माइक्रोमैक्स ही अकेली रेस में थी। 2019 तक दिए गए अधिकारों के तहत अब घरेलू रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट को पेटीएम रणजी ट्रॉफी के नाम से जाना जाएगा।
भारत में होने वाले निर्धारित 84 मैचों (टेस्ट, वनडे और टी-20) के लिए केवल दो बोलीकर्ता ही रेस में थे। हालांकि मार्केटिंग कमेटी के एक सदस्य के अनुसार माइक्रोमैक्स की बोली को रद्द कर दिया गया क्योंकि जरूरी दस्तावेज जमा नहीं कराए गए थे।
भारत को इस साल अक्तूबर में दक्षिण अफ्रीकी टीम की मेजबानी करनी है जिससे पेटीएम के साथ अंतरराष्ट्रीय सीजन की शुरुआत होगी। बीसीसीआई की टीवी प्रोडक्शन अधिकार जूम टेक्नॉलोजी ने 26 करोड़ में हासिल किए जोकि पिछले साल सिंगापुर की एक कंपनी से 10 करोड़ रुपये कम हैं।
किट स्पांसरशिप का नाइक से चल रहा करार भी दिसंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में नाइक और एडिडास में कड़ी प्रतिस्पर्धा हो सकती है।
घरेलू सीरीजों के लिए पेटीएम के रूप में नया टाइटल स्पांसर पाकर बोर्ड खुश है क्योंकि यह नई पीढ़ी की कंपनी है। पेटीएम का स्वागत है। आने वाले चार सालों में यह जुड़ाव भारतीय क्रिकेट को और मजबूती और निरंतरता प्रदान करेगा।