फिरकी गेंदबाज परवेज रसूल ने भारतीय
क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया है। वह टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले
कश्मीर के पहले क्रिकेटर बन गए हैं।
जिंबाब्वे दौरे के लिए शुक्रवार को 15 सदस्यीय घोषित भारतीय टीम में रसूल को मौका दिया गया है। रसूल पहली बार भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं।
अनंतनाग जिले के बिजबेहारा में जन्में आलराउंडर रसूल ने उस समय क्रिकेट खेलना शुरू किया जब घाटी में आतंकवादी गतिविधियां चरम पर थीं लेकिन उन्होंने बंदूकों और बमों की आवाज के बीच क्रिकेट का ककहरा सीखना शुरू किया।
उनके परिवार से क्रिकेट का रिश्ता बहुत पुराना है। रसूल के पिता और बड़े भाई क्रिकेटर रहे हैं। उनके भाई आसिफ ने भी रणजी क्रिकेट खेला है।
बेदी ने की थी तारीफ
स्थानीय कोच अब्दुल कयूम ने रसूल की क्रिकेटीय प्रतिभा को तराशा और संवारा। उनकी प्रतिभा को देखकर पूर्व भारतीय कप्तान बिशन सिंह बेदी भी खासे प्रभावित रहे हैं। उन्होंने रसूल की सफलता पर पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी।
24 साल के रसूल का रणजी क्रिकेट में 2012-13 में बेहद शानदार प्रदर्शन रहा था। उन्होंने इस सत्र में 594 रन बनाए। साथ ही 33 विकेट भी चटकाए। उन्हें जनवरी 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे अभ्यास मैच में भारत ए टीम में शामिल किया गया था। तब वह भारत ए टीम में भी जगह पाने वाले पहले कश्मीरी खिलाड़ी बने थे।
अभ्यास मैच में चमके रसूल
बेदी की तारीफ से मीडिया में चर्चा पाने वाले परवेज रसूल ने अपनी असली ख्याति फरवरी 2013 में तब बटोरी जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बोर्ड अध्यक्ष एकादश के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने तीन स्पेल में सात विकेट हासिल कर ऑस्ट्रेलियाई टीम को खासा परेशान किया था।
आईपीएल में भी खेले
परवेज रसूल को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें आईपीएल में भी खेलने का फायदा मिला। पुणे वॉरियर्स ने उनके साथ करार किया। आईपीएल में करार पाने वाले रसूल पहले कश्मीरी खिलाड़ी बने। हालांकि टीम का प्रदर्शन आईपीएल 6 में बेहद खराब रहा था। उन्हें आईपीएल में दो मैच खेलने का मौका मिला। अपने पहले मैच में उन्होंने कोलकाता नाइटराइडर्स के दिग्गज बल्लेबाज जैक्स कालिस का बड़ा विकेट लिया था।