क्रिकेट के खेल में बाउसंर क्रिकेटरों के लिए लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। इस बार 18 साल का एक क्रिकेटर बाउंसर की चपेट आ गया जिससे उसकी मौत हो गई।
दरअसल, कभी सिर्फ मनोरंजन के लिए खेले जाने वाले क्रिकेट खेल के मायने अब बदल गए है। विपक्षी टीम के बल्लेबाज को अपनी घातक और तेज गेंदबाजी से डराने के लिए बाउंसर शुरु किया गया। पर आज यह बाउसंर जानलेवा बनता जा रहा है और इसकी जद में आकर क्रिकेटरों को अपनी जान से हाथ तक धोना पड़ रहा है।
इसे लेकर सबसे पहले अंगुली तब उठी जब ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर फ्लिप ह्यूज की सिर पर एक बाउंसर लगने से मौत हो गई थ्ाी। उस वक्त बाउंसर गेंदों को खेल से हटाया जाए या शामिल किया जाए, इन बातों को लेकर शुरु में काफी हो-हल्ला तो हुआ, लेकिन फिर कुछ समय के बाद उतनी ही जल्दी शांत भी हो गया।
इसकी बानगी तब देखने को मिली जब बॉर्डर गावस्कर सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई और टीम इंडिया के गेंदबाजों की ओर से एक-दूसरे को बाउसंर डाली गई।