इंग्लैंड पहुंची पाकिस्तानी क्रिकेट टीम
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दौरे से ठीक पहले अपने 10 कोरोना संक्रमित खिलाड़ियों को छोड़कर पाकिस्तानी टीम रविवार देर रात इंग्लैंड पहुंच गई। सभी खिलाड़ियों का दोबारा टेस्ट होगा। तीन टेस्ट और दो टी-20 मैच की सीरीज से पहले पाकिस्तान की 20 सदस्यीय टीम को 20 दिन तक आइसोलेशन में रहना होगा, इसके बाद ही वह मैदान पर प्रैक्टिस करने उतर सकते हैं। इस बीच इंग्लैंड में ही मौजूद कैरेबियाई टीम की टेस्ट सीरीज चलेगी। दोनों ही सीरीज जैविक रूप से सुरक्षित परिस्थितियों में खेली जाएगी।
दौरे के लिए रवाना होने से पहले पाकिस्तानी कप्तान अजहर अली ने कहा था कि एलिस्टेयर कुक के संन्यास के बाद इंग्लैंड का शीर्ष क्रम कमजोर हुआ है और उनकी टीम आगामी टेस्ट श्रृंखला में इसका फायदा उठाने की कोशिश करेगी। अजहर ने कहा कि टीम के गेंदबाज इंग्लैंड के 'कमजोर शीर्ष क्रम' के खिलाफ आक्रामक रवैया अख्तियार करेंगे। पाकिस्तान को इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट और दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। पहला टेस्ट 30 जुलाई से लॉर्ड्स में खेला जाएगा।
सितंबर 2018 में कुक के संन्यास के बाद से, इंग्लैंड ने 18 टेस्ट में शीर्ष क्रम में छह अलग-अलग संयोजनों का उपयोग किया है। इसमें से सिर्फ रोरी बर्न्स ही अपनी जगह पक्की कर सके है। पाकिस्तान के कप्तान हालांकि जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और जोफ्रा आर्चर की अगुवाई वाली गेंदबाजी आक्रमण की मजबूती से वाकिफ है जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में और दमदार होगी।
अजहर ने कहा, 'घरेलू परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी आक्रमण शानदार है और इसमें कोई संदेह नहीं है।' उन्होंने कहा, 'जोफ्रा आर्चर के अलावा हमने सबका सामना किया है। ब्रॉड, एंडरसन, वोक्स, स्टोक्स और यहां तक कि वुड जैसे गेंदबाज के बाद भी हम जीतने में सफल रहे।'
अनुभवहीन तेज गेंदबाजी को पाकिस्तान की कमजोर कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन अजहर ने उम्मीद जतायी कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में नसीम शाह और शाहीन शाह अफरीदी को काफी मदद मिलेगा। उन्होंने कहा, 'मैचों की संख्या को देखे तो इस मामले के इंग्लैंड के गेंदबाजों को काफी अनुभव है। लेकिन हमारे पास कौशल है और वे (पाकिस्तानी गेंदबाज) काफी कुछ कर सकते है।'