भले ही पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम चुन ली हो लेकिन उसके खेलने को लेकर असमंजस बरकरार है। अबकी बार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट से हटने की धमकी दी है। मामला कुछ और नहीं, सुरक्षा को लेकर है।
पाकिस्तान ने धमकी दी है कि अगर बीसीसीआई भारत सरकार से सुरक्षा की गारंटी हासिल नहीं कर पाती है तो उनकी क्रिकेट टीम आईसीसी वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट से हट सकती है। इस बारे में पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन शहरयार खान से टेलीफोन पर भारत में पाकिस्तानी क्रिकेटरों की सुरक्षा को लेकर बातचीत की है।
पाकिस्तान गृहमंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस बात पर सहमति बन चुकी है कि जब तक भारत से फुलप्रूफ और संतोषजनक सुरक्षा मुहैया कराने की गारंटी नहीं मिल जाती तब तक पाकिस्तान की टीम भारत का दौरा नहीं करेगी।
धर्मशाला मैच को लेकर है विवाद
पीसीबी अध्यक्ष शहरयार खान ने कहा कि सरकार ने बोर्ड से कहा है कि उसे धर्मशाला में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर सुरक्षा रिपोर्ट चाहिए। धर्मशाला में मैच के आयोजन को लेकर भारत के पूर्व सैनिक विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमने बीसीसीआई से कहा है कि वह हमें संपूर्ण रिपोर्ट दे कि पाकिस्तान टीम की सुरक्षा को क्या खतरा है और साथ ही पाकिस्तान टीम की सुरक्षा को लेकर तैयार किए गए ब्लूप्रिंट की भी जानकारी दे। यदि हम वर्ल्ड कप में भाग ले रहे हैं तो हमें स्पष्ट तौर पर अपनी टीम के लिए सुरक्षा की गारंटी चाहिए।
पूर्व सैनिकों ने रखी है यह शर्त
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का वर्ल्ड कप टी-20 के लिए असमंजन होने के पीछे पूर्व सैनिकों की शर्त है। पूर्व सैनिकों ने बीसीसीआई के सामने पाक के साथ मैच के लिए मौलाना मसूद अजहर का सिर लाने की शर्त रख थी, वरना मैच नहीं होने की धमकी दी।
इससे पहले बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुलाकात के बाद धर्मशाला में प्रस्तावित भारत-पाक टी-20 वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच की राह आसान होती दिख रही थी, लेकिन अब मैच में फिर संकट के बादल छा गए हैं।