सोशल मीडिया पर हारिस रऊफ ने धोनी को इस खास तोहफे के लिए धन्यवाद भी कहा था। इस मामले को लेकर रऊफ ने अब खुलासा किया है और बताया कि धोनी ने उन्हें कब और कैसे जर्सी दी थी। रऊफ ने द ग्रेड क्रिकेटर पॉडकास्ट में बताया- मैं पिछले साल टी 20 विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच के बाद एमएस धोनी से मिला था। मैंने उनसे अपनी एक शर्ट देने के लिए कहा था। मैंने उनसे कहा कि मुझे चेन्नई सुपर किंग्स की जर्सी चाहिए न कि टीम इंडिया की।
रऊफ ने कहा कि इस पर धोनी का रिएक्शन बहुत कूल था। धोनी ने मुझसे कहा कि वह निश्चित रूप से मुझे जर्सी भेजेंगे। आखिरकार मुझे यह तब मिला जब मैं ऑस्ट्रेलिया में था। रऊफ ने यह भी कहा कि उन्हें 2018-19 में भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान भारतीय बल्लेबाजों के लिए नेट गेंदबाज बनने का मौका मिला था। रऊफ ने भी यह भी बताया कि कैसे एक सेशन के दौरान ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया था।
रऊफ ने कहा- भारतीय टीम के मैनेजर को कुछ ऐसे नेट गेंदबाज चाहिए थे जो ऑस्ट्रेलिया की पिच को ध्यान में रखते हुए गेंदबाजी कर सके। मुझे लगा कि यह मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को गेंदबाजी करने का एक शानदार मौका होगा। मैंने नेट्स में चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली को गेंदबाजी की। हार्दिक पांड्या मेरे साथ गेंदबाजी कर रहे थे और उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छा कर रहा हूं और उन्हें यकीन है कि मैं जल्द ही पाकिस्तान टीम के लिए खेलूंगा।
हारिस रऊफ ने अब तक पाकिस्तान के लिए 13 वनडे और 35 टी-20 खेले हैं। 13 वनडे में उनके नाम 23 विकेट और 35 टी-20 में 42 विकेट हैं। हारिस के पास लगातार 140 प्लस की स्पीड से गेंद फेंकने की महारत हासिल है। टी-20 वर्ल्ड कप में अपनी स्पीड से रऊफ ने कई दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया था।