चैंपियंस ट्रॉफी को होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं है, लेकिन अब तक इसका कार्यक्रम जारी नहीं हो सका है। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी पाकिस्तान के पास है, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस सुरक्षा का हवाला देते हुए इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की यात्रा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी को हाइब्रिड मॉडल के तर्ज पर आयोजित किए जाने की चर्चा चल रही है। हालांकि, अब तक पीसीबी हाइब्रिड मॉडल को अस्वीकार करता आया है, लेकिन अब उसके सामने ज्यादा विकल्प बचे नहीं है।
'हाइब्रिड मॉडल की नीति 2031 तक लागू हो'
इस बीच, न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार पीसीबी सूत्रों ने बताया है कि पीसीबी अगले साल होने वाले चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल स्वीकार करने के लिए तैयार है जिसमें भारत अपने मुकाबले दुबई में खेलेगा, लेकिन उसकी शर्त है कि आईसीसी यह नीति 2031 तक होने वाले उसके सभी टूर्नामेंट के लिए लागू करे। सूत्र ने साथ ही बताया कि बोर्ड हाइब्रिड मॉडल पर सहमत होने के लिए सालाना राजस्व चक्र में ज्यादा हिस्सेदारी की मांग भी कर रहा है। पीसीबी सूत्र ने कहा, मौजूदा स्थिति में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल तभी स्वीकार करेगा अगर आईसीसी इस बात पर राजी हो कि भविष्य में सभी आईसीसी टूर्नामेंट इसी के तर्ज पर आयोजित होंगे जिसमें पाकिस्तान अपने मुकाबले खेलने के लिए भारत नहीं जाएगा।
सूत्र ने कहा, पाकिस्तान यह भी चाहता है कि आईसीसी बोर्ड राजस्व में वित्तीय चक्र में उसके हिस्से को 5.75 प्रतिशत से बढ़ा दे और नकवी इस पर अड़े हुए हैं, लेकिन उन्होंने मेजबानी के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं मांगा है। लोग कह रहे हैं कि नकवी ने अपनी सरकार से बात करने के बाद फिर बताने के लिए समय मांगा है। लेकिन हमें नहीं पता कि क्या वह सरकार के समर्थन से वहां गए थे और उन्होंने आईसीसी बोर्ड की वर्चुअल बैठक में अपना पक्ष रखने के लिए पहले ही उनकी मंजूरी मांगी थी।