नीदरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच पाकिस्तान ने नौ रन से जीत लिया और वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम की। पाकिस्तान ने इस मैच में अपने सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया था और कप्तान बाबर युवा टीम के साथ मैदान में उतरे थे। हालांकि, उनका यह प्रयोग भारी पड़ा और पूरी टीम 206 रन पर सिमट गई। अंत में पाकिस्तान को जीत मिली, लेकिन इस मैच में अधिकतर समय तक नीदरलैंड की टीम आगे थी।
पाकिस्तान ने इस मैच में इमाम उल हक, मोहम्मद रिजवान, शादाब खान और हरीस रउफ जैसे सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया था। बाबर आजम ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि, उनका यह फैसला गलत साबित हुआ और 135 के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। कप्तान बाबर एक छोर पर खड़े थे, लेकिन दूसरे छोर पर किसी ने उनका साथ नहीं दिया। अंत में पाकिस्तान की टीम 206 रन के स्कोर पर सिमट गई। सबसे ज्यादा 91 रन बाबर ने बनाए। नवाज ने 27 और फखर जमान ने 26 रन का योगदान दिया।
नीदरलैंड के लिए बस डे लिडे ने तीन विकेट लिए। किंगमा को दो विकेट मिले। वहीं, आर्यन दत्त, शारिज अहमद और वन बीक ने एक-एक विकेट लिया।
नसीम शाह ने जिताया मैच
206 रन का बचाव करते हुए पाकिस्तान ने अच्छी शुरुआत की और 37 रन के स्कोर पर नीदरलैंड के तीन विकेट चटका दिए थे। इसके बाद विक्रमजीत सिंह और टॉम कूपर ने अर्धशतकीय साझेदारी कर नीदरलैंड को मैच में ला दिया। 31वें ओवर में मोहम्मद वसीम जूनियर ने विक्रमजीत का विकेट लेकर अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। उन्होंने 50 रन बनाए। अब नीदरलैंड की सारी उम्मीदें टॉम कूपर पर थीं, लेकिन वो भी 62 रन बनाने के बाद आउट हो गए। अंत में तेजा और पुछल्ले बल्लेबाजों ने कोशिश की, लेकिन नीदरलैंड को जीत नहीं दिला पाए।
पाकिस्तान के लिए नसीम शाह ने पांच और मोहम्मद वसीम जूनियर ने चार विकेट लिए। नसीम को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने अहम मौकों पर अपनी टीम को विकेट दिलाए।
भारत की नकल पड़ गई थी भारी
पाकिस्तान ने इस मैच में भारत की नकल करने की कोशिश की थी। टीम इंडिया में अक्सर छोटी टीमों के खिलाफ सीरीज में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है और सीनियर खिलाड़ियों को आराम का मौका मिलता है। फिलहाल जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में भी ऐसा ही हो रहा है, जहां लोकेश राहुल भारत के कप्तान हैं और रोहित, विराट सहित कई सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। इसके बावजूद भारत सीरीज जीत चुका है। पाकिस्तान ने भी इस मैच में भारत की नकल करते हुए सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया था, लेकिन उनकी टीम मैच हारते-हारते बची। इससे साफ होता है कि भारत की बेंच स्ट्रेंथ पाकिस्तान की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत है।