पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में 556 रन बनाने के बावजूद मिली शर्मनाक हार से वह मायूस हैं। पाकिस्तान किसी टेस्ट की पहली पारी में 500 से अधिक रन बनाने के बावजूद हारने वाली पहली टीम बन गई। मैच के बाद मसूद ने हार का ठीकरा गेंदबाजों पर फोड़ा और कहा कि टेस्ट में जब तक आपकी टीम के पास 20 विकेट निकालने की क्षमता नहीं होगा, जीतना मुश्किल होगा।
'यह एक टीम गेम है'
मसूद ने कहा- हमने तीसरी पारी या चौथी पारी के बारे में पहले भी बात की है, लेकिन हम सब जानते हैं कि यह एक टीम गेम है। एक टीम के रूप में हर चीज के अपने फायदे और नतीजे होते हैं। जब आप बोर्ड पर 550 रन बनाते हैं, तो 10 विकेट लेकर उसका समर्थन करना महत्वपूर्ण होता है। यह कुछ ऐसा है जो हमने नहीं किया है। अगर हम वो 10 विकेट ले लेते और इंग्लैंड को अपने स्कोर के आसपास या शायद थोड़ा ज्यादा स्कोर पर रोक लेते तो नतीजा कुछ और हो सकता था।
'गेंदबाजी में हम संघर्ष कर रहे'
मसूद ने कहा- तो यह एक टीम के रूप में काम करने की कुंजी है। पहली पारी में बल्लेबाजी और गेंदबाजी टीम के लिए कैसे योगदान दे सकती है, इससे मैच बनता है। यह ऐसी चीज है जिसमें हम संघर्ष कर रहे हैं। हम अच्छी स्थिति में आ रहे हैं। आप अपनी बल्लेबाजी टीम को पहली पारी में अच्छा स्कोर बनाने के लिए कहते हैं और इसके बाद जिम्मेदारी गेंदबाजों की होती है कि वो इसे खत्म कर सकें।
'टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन टीमें जीत के रास्ते बना लेती हैं'
मसूद ने मैच के बाद मीडिया से कहा, 'फिर हारना निराशाजनक है। इंग्लैंड ने मैच जीतने का रास्ता बनाया। कड़वी सच्चाई यही है कि टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन टीमें जीत के रास्ते बना लेती हैं। हम इंग्लैंड से भी सीख सकते हैं। उन्होंने उन 20 विकेट हासिल करने का एक तरीका ढूंढ लिया है। 20 विकेट लिए बिना टेस्ट मैच नहीं जीत सकते। मैं यह नहीं कहूंगा कि मानसिक रूप से मेरी टीम कमजोर है, लेकिन हमें लगा था कि तीसरे दिन पिच टूटने लगेगी। आखिरकार आपको 20 विकेट लेने आने चाहिए और पिछले कुछ समय से हम ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।
मसूद ने पहली पारी में 151 रन बनाए थे
मसूद ने पहली पारी में 151 रन बनाए थे जिसकी मदद से पाकिस्तान ने बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने पहली पारी सात विकेट पर 823 रन पर घोषित की। हैरी ब्रूक ने 317 और जो रूट ने 262 रन बनाए। मसूद ने कहा, 'हम सीरीज के बीच में हैं, हमने टीम की मानसिकता और निरंतरता के बारे में बात की है। मैं चाहूंगा कि टीम सुधार करे। चाहे पिच कैसी भी हो, हमें कोई रास्ता निकालना होगा। इंग्लैंड ने वो दिखाया। हमें उन्हें श्रेय देना होगा।'
'सर्वश्रेष्ठ टीमें हमेशा कोई न कोई रास्ता ढूंढ ही लेती हैं'
मसूद ने कहा, 'कभी-कभी आपको परिस्थितियां अपने पक्ष में मिलती हैं, कभी-कभी नहीं। लेकिन सर्वश्रेष्ठ टीमें हमेशा कोई न कोई रास्ता ढूंढ ही लेती हैं। टेस्ट क्रिकेट में नियमित आधार पर प्रदर्शन करना कोई समझौता नहीं है। हमें गेम खेलना पसंद है। हम स्पष्ट रूप से परिणामों से आहत हैं, एक राष्ट्र के रूप में आहत हैं। लेकिन खेल की खूबसूरती यह है कि यह आपको हमेशा एक और मौका देता है। जिंदगी आपको एक और मौका देती है। इसलिए त्वरित बदलाव हमारे लिए फायदेमंद हो सकता है और हम इसकी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
'मैं कभी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटता'
मसूद ने कहा, 'मैं कभी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटता। दुख इस बात का है कि हमें पाकिस्तान क्रिकेट को वो परिणाम नहीं मिल पा रहा जिसके हम हकदार हैं। हम सभी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, हम अपना सब कुछ देने रहे हैं। हम इसे बदलने का प्रयास कर रहे हैं। हम जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हैं। हमें एक टीम और क्रिकेट खेलने वाले देश के रूप में इसे सही करना होगा।
'हमें हालात के अनुरूप ढलना सीखना होगा'
मसूद ने कहा कि पाकिस्तान ने मुल्तान में 2022 के बाद पहली बार टेस्ट खेला और क्यूरेटर या मैदानकर्मियों से बात करने का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने कहा, 'इस बार मुल्तान में दोनों टीमें अलग थीं, लेकिन हमें हालात के अनुरूप ढलना सीखना होगा क्योंकि पिचों का स्वभाव रोज बदलता है।' बाबर आजम के लगातार खराब फॉर्म के बारे में उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में आप उम्मीद करते हैं कि बाबर जैसे खिलाड़ी अगली पारी बड़ी खेलेंगे। उन्होंने कहा, 'हम बैठकर आत्ममंथन करेंगे और अगले टेस्ट की टीम पर फैसला लेंगे।'