पाकिस्तान टीम के टेस्ट कप्तान मिसबाह उल हक गुरुवार को 41 साल के हो गए। वर्ल्ड कप के बाद मिसबाह ने वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। लेकिन टेस्ट में इनकी कप्तानी बरकरार है। लेकिन फायदा कुछ नहीं।
मिसबाह परेशान हैं सिर्फ इन दिनों से ही नहीं, 2009 से इनकी परेशानी जस की तस बनी हुई है। हालांकि मिसबाह को टेस्ट की कप्तानी 2010 में स्पॉट फिक्सिंग के चलते शाहिद आफरीदी के इस्तीफे के बाद मिली थी।
2009 में पाकिस्तान में श्रींलंकाई क्रिकेटरों पर हुई गोलीबारी के बाद पाकिस्तान में किसी भी देश ने क्रिकेट खेलने से कोताही बरती। इसका खामियाजा जितना पाक क्रिकेट को हुआ उतना ही बेचारे मिसबाह उल हक को भी।