पाकिस्तान में दागी गेंदबाज मोहम्मद आमिर के मुद्दे को लेकर यह बहस जारी है कि पीसीबी को इस तेज गेंदबाज को फिर से राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की अनुमति देनी चाहिए कि नहीं। इस मुद्दे को लेकर एक टीवी शो के दौरान दो पूर्व क्रिकेटरों रमीज रजा और मुहम्मद यूसुफ के बीच कड़ी जुबानी जंग हो गई।
दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ बेहद निजी और गैर-शालीन टिप्पणियां की। यूसुफ ने तो यह तक कह डाला कि रमीज को क्रिकेट के बारे में कुछ पता नहीं है, वह सिफारिशी थे।
रमीज ने भी यूसुफ के बारे में कहा कि वह फर्जी है जिसने पाकिस्तान क्रिकेट के लिए परेशानियां खड़ी की हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस तकरार को लेकर बड़ी चर्चा छिड़ गई।
पूर्व क्रिकेटरों, क्रिकेट प्रेमियों और आलोचकों ने इसे बेहद निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों खिलाड़ियों की क्रिकेट प्रेमी बेहद कद्र करते हैं लेकिन इससे किसी को सही संदेश नहीं जाएगा।
रमीज ने आमिर को राष्ट्रीय शिविर में बुलाए जाने पर कहा था कि समय ही बताएगा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का यह निर्णय सही है या नहीं।