भारत के 2018-19 घरेलू सत्र में 2000 से अधिक मैचों का आयोजन किया गया। इसका समापन रांची में महिला अंडर-23 चैलेंजर ट्रॉफी फाइनल के साथ हुआ। आईपीएल के 12 मई को हैदराबाद में होने वाले फाइनल के साथ भारत के 2018-19 क्रिकेट सत्र का औपचारिक अंत होगा।
इस सत्र में हालांकि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई चीजें पहली बार हुईं। भारत घरेलू सत्र में पहली बार 37 टीमों के बीच 2024 मैच खेले गए, जिसमें 3444 मैच दिन शामिल हैं। इससे पहले 2017-18 सत्र में 28 टीमों के बीच 1032 मैच खेले गए थे, जिसमें 1892.5 मैच दिन शामिल हैं।
बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार मैच के दिनों में 81 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि इस दौरान सत्र की विंडो में सिर्फ 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सत्र के दौरान 13015 खिलाड़ियों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया, जबकि 6471 खिलाड़ियों ने इस सत्र में हिस्सा लिया। सौ से अधिक शहरों में सीनियर और आयु वर्ग के मैच हुए।