क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर खेले गए इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग की। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत ठीक नहीं रही और पहला विकेट उस वक्त गिर गया जब इंग्लिश टीम का खाता भी नहीं खुला था। सलामी बल्लेबाज माइक अथर्टन बगैर कोई रन बनाए आउट हुए। इसके बाद एलेक स्टीवर्ट और नासिर हुसैन भी सस्ते में आउट हो गए। चौथे नंबर पर ग्राहम थोर्प ने बल्लेबाजी करते हुए 89 रन बनए।
इस दौरान एक बार फिर भारतीय गेंदबाजों ने वापसी करते हुए ग्रीम हिक और रोनी ईरानी को आउट कर दिया। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए जैक रसेल कबाब में हड्डी बन गए। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए 124 रन बनाए। वहीं क्रिस लेविस ने 38 रनों की पारी खेली। इस तरह इंग्लैंड ने अपनी पारी में 344 रन बनाए। भारत की तरफ से वेंकटेश प्रसाद ने यादगार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। जबकि श्रीनाथ ने 3 विकेट लिए। वहीं टेस्ट करियर की शुरुआत कर रहे गांगुली ने 2 खिलाड़ियों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।
पहली पारी में खेलने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही और पहला विकेट 25 रनों पर धराशायी हो गया। पारी की शुरुआत करने आए विक्रम राठौड़ 15 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज नयन मोंगिया भी 25 रन बनाकर चलते बने। 59 रनों पर 2 विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम दबाव में थी। ऐसे में सौरव गांगुली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। उन्होंने सचिन के साथ के भारतीय पारी को आगे बढ़ाया। सचिन 31 रन बनाकर आउट हुए। सचिन के आउट होने के बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा भी जल्दी निपट गए। लेकिन ऐसे में गांगुली एक छोर पर डटे रहे।
सौरव गांगुली के अलावा इस मैच में भारत के लिए एक और खिलाड़ी टेस्ट डेब्यू कर रहा था जिसका नाम था राहुल द्रविड़। द्रविड़ सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए। इन दोनों ने 91 रनों की साझेदारी करते हुए भारत को मजबूत स्थित में पहुंचा दिया। गांगुली ने जहां शतक लगाया वहीं राहुल चूक गए। गांगुली ने मैराथन पारी खेलते हुए 301 गेंद पर 131 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 20 चौके लगाए। जबकि द्रविड़ ने 267 गेंदों पर 95 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके लगाए। इसके अलावा पुछल्ले बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलीं जिसके चलते भारत ने 429 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से क्रिस लेविस और एलन मुलाली ने 3-3 विकेट लिए। इसके बाद दूसरी पारी में इंग्लैंड ने 9 विकेट पर 278 रन बनाकर इनिंग्स समाप्ति की घोषणा की। लेकिन दूसरी इनिंग्स में भारतीय बल्लेबाजों को बैटिंग करने का मौका नहीं मिला। और ये मैच ड्रॉ समाप्त हुआ।
सौरव गांगुली की बात की जाए तो वह एक समय तक देश के सबसे सफल कप्तान रहे। टीम इंडिया को जीतना गांगुली ने ही सिखाया। उनकी ही कप्तानी में भारत ने पहली बार पाकिस्तान को उसकी धरती पर टेस्ट सीरीज में हराया। गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया 2003 क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। गांगुली ने 113 टेस्ट और 311 एकदिवसीय मैच भारत के लिए खेले। गांगुली के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18,575 रन दर्ज हैं। अक्टूबर 2019 में उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया।