आज का दिन युवराज सिंह और क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास है। 10 साल पहले 20 मार्च 2011 को युवराज सिंह ने क्रिकेट विश्व कप भारत के लिए मैच जिताऊ पारी खेली थी। ये पारी उनके लिए इसलिए खास थी क्योंकि वह अपनी बीमारी पर विजय पाकर मैदान पर लौटे थे। इस मैच में युवराज सिंह बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी जौहर दिखाया। मैच में युवराज सिंह द्वारा किए गए प्रदर्शन को आज भी क्रिकेट प्रेमी नहीं भूले हैं।
वेस्टइंडीद के खिलाफ चेन्नई में खेले गए मैच में भारत ने पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी की। पारी की शुरुआत करने आए सचिन तेंदुलकर और गौतम गंभीर जल्दी आउट हो गए. एक समय भारत का स्कोर 52 रन 2 विकेट था। इसके बाद युवराज सिंह ने विराट कोहली के साथ मोर्चा संभाला। विराट और युवराज ने 122 रनों की साझेदारी कर भारत की मैच में वापसी कराई। विराट 59 रन बनाकर आउट हुए। लेकिन युवराज सिंह डटे रहे।
इसके बाद युवराज ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ पारी को आगे बढ़ाया। युवराज सिंह की बल्लेबाजी के देखकर लग रहा था कि जैसे वह भारत को मैच जिताने का संकल्प लेकर आए हैं।
बल्लेबाजी के दौरान युवराज सिंह कई बार परेशान दिखे। क्रिकेट प्रेमियों का याद होगा कि युवराज सिंह ने अपनी पारी के दौरान कई बार उल्टियां कीं। लेकिन युवराज सिंह ने हार नहीं मानी।
युवराज सिंह ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए बेशकीमती 113 रनों की पारी खेली। अपनी पारी के दौरान युवराज ने 10 चौके और 2 छक्के लगाए। इतना ही नहीं युवराज ने इस मैच में गेंदबाजी में भी अपने करतब दिखाए। युवराज ने मैच में 4 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 18 रन देकर डेवन थॉमस और आंद्रे रसेल के विकेट झटके। उनके इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए युवराज को प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।
भारत को 2011 क्रिकेट विश्व कप जिताने में युवराज सिंह का अहम योगदान रहा। पूरे विश्व कप में युवराज सिंह ने गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया था. युवराज ने क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 में 362 रन बनाने के अलावा 15 विकेट भी लिए थे. उनके इस शानदार योगदान को देखते हुए युवराज को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट पुरस्कार दिया गया।