फिरकी गेंदबाज परवेज रसूल को अंतिम वनडे मैच में भी मौका नहीं दिए जाने के फैसले से हर कोई चकित है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से लेकर कई अन्य लोगों ने भी टीम इंडिया प्रबंधन के फैसले पर आश्चर्य जताया है।
24 साल के रसूल को शामिल नहीं किए जाने से नाराज जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट के जरिए टीम प्रबंधन की आलोचना की है।
उमर ने ट्वीट किया, 'क्या आपने उसका मनोबल गिराने के वास्ते जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में चुना था। क्या घरेलू सरजमीं पर ही ऐसा करना सस्ता नहीं होता?'
इससे पूर्व उन्होंने बीसीसीआई से इस हरफनमौला क्रिकेटर को जिम्बाव्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किए जाने का अनुरोध किया था।
भारत पहले ही पांच मैचों की सीरीज में 4-0 की बढ़त ले चुका है। ऐसे में उम्मीद थी कि रसूल को आज मौका दिया जाएगा। लेकिन टीम प्रबंधन ने उन्हें मौका नहीं दिया। हालांकि इस दौरे में प्रबंधन ने चार युवा खिलाड़ियों को पहली बार वनडे मैच में खेलने का मौका दिया था।
मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री शशि थरूर ने भी शशि थरूर ने भी रसूल को मौका नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 'रसूल के आज न खेलने से बड़ी निराशा हुई। अजीबोगरीब फैसला। रसूल और रहाणे के लिए जडेजा और रैना को आराम से रेस्ट दिया जा सकता था।'
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, '4-0 की बढ़त लेने का क्या फायदा अगर आप भ्रमणकारी टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को मौका नहीं देते हो।'
पूर्व पत्रकार और कमेंट्रेटर एजाज मैनन ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि परवेज रसूल को आज के मैच में न खिलाना एक कठोर फैसला है। इसका जवाब फ्लेचर या विराट ही दे सकते हैं।
इस दौरे में अब तक चार युवा भारतीयों को वनडे कॅरियर शुरू करने का मौका मिल चुका है। रसूल से पहले अंबाती रायडू, जयदेव उनादकट, मोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा जिम्बाब्वे में अपने वनडे कॅरियर की शुरुआत कर चुके हैं।
रसूल से पहले भी जम्मू-कश्मीर के आबिद नबी, सुरेन्द्र सिंह और अब्दुल कयूम राष्ट्रीय टीम के लिए चुने गए थे लेकिन वह कभी भारत के लिए अंतिम एकादश में जगह नहीं बना पाए थे।