भारत ने इंग्लैंड को पहले टेस्ट में 9 विकेट से करारी मात देकर 'बदले की सीरीज' की शुरुआत जीत से कर दी है। इस टेस्ट में माना जा रहा था कि भारत यह टेस्ट पारी से जीत लेगा लेकिन इंग्लैंड के कप्तान कुक के आगे पूरी टीम इंडिया बैकफुट पर नजर आई। अगर केवल कुक को लेकर टीम इंडिया ऐसे दबाव में रहेगी तो बाकी बचे तीन मैचों में जीत की राह मुश्किल दिख रही है!
अहमदाबाद टेस्ट का लगभग पहला तीन दिन भारत के नाम रहा। भारत ने पहली पारी में पुजारा के नाबाद 206 की बदौलत 521 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यही नहीं टीम इंडिया के गेंदबाजों ने इंग्लैंड को 191 रनों पर समेट भी दिया। इंग्लैंड को फॉलोऑन खिलाने का धोनी का साहसिक फैसला सवालों में दिखने लगा जब टीम इंडिया के पास कुक का कोई तोड़ नहीं मिल पा रहा था।
चौथे दिन का खेल जब खत्म हुआ तो विशेषज्ञ यह मानने लगे थे कि यह मैच ड्रा की तरफ बढ़ रहा है। लेकिन शायद यही टेस्ट क्रिकेट की खासियत है कि किसी भी सत्र में खेल बदल जाता है। पांचवें दिन कुक कोई कमाल नहीं दिखा पाए और चलते बने। जिस कारण भारत को 9 विकेट की महत्वपूर्ण जीत मिली।
मैच के हीरो रहे पुजारा और ओझा
पहले टेस्ट की दोनों पारियों (206 और 41) में नाबाद रहने वाले चेतेश्वर पुजारा सही मायनों में इस जीत के हीरो रहे। जबकि मैच में 9 विकेट लेने वाले प्रज्ञान ओझा का प्रदर्शन भी दबाया नहीं जा सकता। पुजारा ने दूसरी पारी में कुक को पवेलियन भेज भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बात अगर इंग्लैंड की तरफ से करें तो अंग्रेज कप्तान एलिएस्टर कुक को भी इस मैच का हीरो मान सकते हैं। कुक ने जिस तरह अकेले भारतीय टीम को नचाया वो अगले मैचों में टीम इंडिया के लिए मुसीबत बन सकते हैं।