कप्तान विराट कोहली (नाबाद 68) की एक और दमदार पारी की बदौलत भारत ने तीसरे वनडे मैच में जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराते हुए न सिर्फ जीत की हैट्रिक लगाई बल्कि सीरीज में अजेय बढ़त भी हासिल कर ली।
भारत ने 35.3 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 187 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। टीम की ओर से कोहली ने सर्वाधिक 68 रनों की नाबाद पारी खेली।
इससे पहले भारतीय गेंदबाजों की सधी गेंदबाजी के आगे जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को खासा संघर्ष करना पड़ा और पूरी टीम 46 ओवर में 183 रन बनाकर सिमट गई। भारत की ओर से अमित मिश्रा ने 47 रन देकर चार विकेट झटके। जबकि मोहम्मद शमी को दो सफलता मिली। जिम्बाब्वे के लिए सियन विलियम्स ने सर्वाधिक 45 रनों का योगदान दिया। अंतिम ओवरों में टेंडई चटारा ने 23 रन बनाए।
विदेशी धरती पर हैट्रिक खिताबी जीत
टीम इंडिया की विदेशी धरती पर वनडे क्रिकेट में यह लगातार तीसरी जीत भी है। इससे पहले भारत ने इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी और वेस्ट इंडीज में त्रिकोणीय सीरीज अपने नाम किया था।
बतौर कप्तान कोहली ने अपने पहली ही सीरीज में भारत को जीत दिला दी है। इस मैच में जीत के साथ्ा ही पांच मैचों की वनडे सीरीज में भारत ने 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
रोहित का फिर से 'फ्लॉप शो'
सौ से ज्यादा वनडे मैच खेल चुके रोहित शर्मा का खराब खेल जारी है। वह तीसरे मैच में भी अच्छी बल्लेबाजी कर पाने में नाकाम रहे। शिखर धवन के साथ पारी का आगाज करने उतरे रोहित महज 14 रन बनाकर आउट हो गए। उस समय टीम का स्कोर 27 रन था।
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धवन ने इसके बाद कप्तान कोहली के साथ पारी को आगे बढ़ाया और स्कोर 67 रनों तक ले गए। लेकिन टेंडई चटारा ने उन्हें कैच आउट करा दिया। धवन 35 रन बनाकर आउट हुए।
सीरीज के पहले मैच में शतक जमाने वाले कोहली ने अंबाती रायडू के साथ तीसरे विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की। हालांकि अंबाती आज भी तेजी से रन बनाने में नाकाम रहे और वह 54 गेंदों में 33 रन बनाने के बाद ब्रायन विटोरी के हाथों कॉटएंडबोल्ड हो गए। अंबाती के बाद कोहली का साथ देने सुरेश रैना क्रीज पर आए।
कोहली का पचासा
मैदान पर अक्सर अपनी नाराजगी जताने वाले कोहली ने एक बार फिर अपने बल्ले का जलवा दिखाया। उन्होंने पहले मैच के बाद तीसरे मैच में भी कप्तानी पारी खेली।
इस क्रिकेटर ने दिखाया विराट कोहली को 'आईना'
कोहली ने संयम के साथ खेलते हुए 81 गेंदों में अपना पचासा पूरा किया। 36वें ओवर में विजयी चौका लगाकर जीत दिलाने वाले रैना ने भी 28 रनों की नाबाद पारी खेली। इससे पहले वह पिछले दोनों मैचों में असफल रहे थे।
गेंदबाजों ने फैसले को सही साबित किया
कप्तान कोहली के पहले गेंदबाजी करने के फैसले को गेंदबाजों ने सही साबित किया और शुरुआती सात गेंदों में दोनों सलामी बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखा दी।
तेज गेंदबाज विनय कुमार ने भारत को तीसरी ही गेंद पर शुरुआती सफलता दिलाई। उन्होंने वुशी सिबांदा (0) को शिखर धवन के हाथों कैच आउट कराया।
इसके बाद मोहम्मद शमी ने भी अगले ही ओवर की पहली गेंद पर ओपनर सिकंदर रजा (1) को पवेलियन की राह दिखाकर मेजबान टीम को जोर का झटका दिया।
महज दो रन पर दो विकेट गंवाने के बाद संकट में दिख रहे जिम्बाब्वे को कप्तान ब्रेंडन टेलर और हैमिल्टन मास्कजदा ने तीसरे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी कर संकट से बाहर निकाला।
हालांकि बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे टेलर को एक विवादास्पद फैसले का शिकार होना पड़ा। 16वें ओवर की तीसरी गेंद पर जयदेव उनादकट ने शमी के हाथों कैच आउट करा दिया। मैदानी अंपायर ने थर्ड अंपायर से कैच के बारे में फैसला देने को कहा और उन्होंने टेलर को आउट करार दिया। लेकिन टीवी रिप्ले में साफ दिख रहा था कि गेंद ने पहले टप्पा खाया था। टेलर ने 23 रन बनाए।
हैट्रिक से चूके अमित मिश्रा
टेलर के जाने के बाद जिम्बाब्वे का मध्य क्रम फिर लड़खड़ा गया। मेजबान टीम ने 22 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए। इसमें फिरकी गेंदबाज अमित मिश्रा का अहम योगदान रहा जिन्होंने 20वें ओवर में मास्कजदा और मैल्कम वॉलर (0) को दो लगातार गेंदों पर आउट करा दिया। मास्कजदा ने 38 रन बनाए।
रवींद्र जडेजा ने भी मैच में पहली सफलता हासिल करते हुए एल्टन चिगुंबुरा (3) को अपना शिकार बनाया। हालांकि प्रास्पर उत्सेया (10) और सियन विलियम्स के साथ सातवें विकेट के लिए 37 रनों की साझेदारी कर विकेटों के पतन को कुछ देर तक रोके रखा। उत्सेया को शमी ने अपना दूसरा शिकार बनाया।
विलियम्स ने सधे हुए अंदाज में बल्लेबाजी कर एक छोर संभालने की कोशिश की लेकिन 45 रन के निजी स्कोर पर दो रन चुराने के प्रयास में रन आउट हो गए।