टीम इंडिया के नए कोच पद की दौड़ में पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग से सबसे आगे नजर आ रहे हैं। हालांकि कोच के चयन की राह अभी भी आसान नजर नहीं आ रही। सोमवार को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में इंटरव्यू की प्रक्रिया भी खत्म तो हो गई।
सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की सदस्यता वाली क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी(सीएसी) ने 5 उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए। वहीं इस पूरी चयन प्रक्रिया से पहले यह माना जा रहा था कि कप्तान कोहली की पहली पसंद रवि शास्त्री कोच पद की दौड़ में सबसे आगे थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे इंटरव्यू सेशन में सहवाग ने बेहतरीन तरीके से 2019 में होने वाले वर्ल्ड कप का पूरा खाका पेश किया। माना जा रहा है कि सहवाग ने प्रभावी तरीके से कमेटी के सामने अपनी बातें रखी जिसके चलते चयन प्रक्रिया के खत्म होने के बाद शास्त्री के नाम पर मुहर नहीं लग सकी।
वहीं गंगुली ने कहा कि "विराट को यह समझने की जरूरत है. साथ ही आपको कोहली को श्रेय देना होगा कि वह कोच चयन प्रक्रिया से दूर रहे।जब वह वेस्टइंडीज से वापस आएेंगे तो हम उनसे बात करेंगे।
विराट से दोबारा बात करने का सीधा सा मतलब यह निकाला जा सकता है कि रवि शास्त्री के नाम पर समिति में सहमति नहीं बन सकी है। पिछली बार कोच पद में शामिल शास्त्री को सौरव गांगुली ने गंभीर नहीं मानते हुए कुंबले को वरीयता दी थी। लेकिन इस बार भी कुछ ऐसा ही होता नजर आ रहा है।