तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों के दौरान कोई भी श्रीलंकाई खिलाड़ी या अंपायर हिस्सा न लें।
जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा, 'उन्हें चेन्नई में होने वाले आईपीएल मैचों में श्रीलंकाई खिलाड़ी या अंपायरों के हिस्सा लेने पर कड़ी आपत्ति है। अगर इन्हें हटाया नहीं गया तो चेन्नई में आईपीएल के मैच नहीं होने दिए जाएंगे।'
मालूम हो कि तीन अप्रैल से शुरू होने वाले आईपीएल के छठे संस्करण में श्रीलंका के 13 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें कुमार संगकारा, मुथैया मुरलीधरन, माहेला जयवर्द्घने, लासिथ मलिंगा, एंजेलो मैथ्यूज आदि शामिल हैं।
इससे पहले तमिलनाडु में बिगड़े हालात को देखते हुए आईपीएल की छह टीमों ने गवर्निग काउंसिल से चेन्नई को आईपीएल वेन्यू से अलग करने की मांग कर चुके हैं। हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 2010 में तेलंगाना आंदोलन के चलते आईपीएल के हैदराबाद में होने वाले मैचों को स्थानांतरित किया गया था।
बेशक भारत आएं श्रीलंकाई खिलाड़ी: श्रीनिवासन
पिछले दिनों बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने कहा था, ‘भारत एक सुरक्षित देश है तथा तमिलनाडु में कानून व्यवस्था को लेकर कोई समस्या नहीं है। आईपीएल अब नजदीक ही है और यदि फिर भी कोई समस्या होती है तो हम इसे सुलझा लेंगे।’
क्या है मामला
श्रीलंका में तमिलों के साथ हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन के विरोध में तमिलनाडु में कई युवा संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी दल डीएमके श्रीलंका के विरोध में पहले ही केंद्र की यूपीए सरकार से समर्थन वापस ले चुकी है।