आईपीएल के अगले संस्करण में फ्रेंचाइजी टीमों का पर्स बढ़कर 60 करोड़ रुपए होने की संभावना है जबकि प्रत्येक टीम में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 11 से घटकर नौ हो जाएगी।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) आईपीएल के संचालन परिषद की मंगलवार को सिंगापुर में हुई बैठक में इस बारे में चर्चा हुई है। इसके मुताबिक आईपीएल-सात के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 12 और 13 फरवरी को होने की संभावना है। हालांकि इस नीलामी के लिए अभी स्थल तय नहीं किया गया है।
अगले सत्र के लिए सैलरी कैप 60 करोड़ रुपए रहने की संभावना है और इसमें हर साल दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। यह पहला मौका है, जब टीमों के लिए पर्स का प्रावधान डॉलर में नहीं बल्कि भारतीय मुद्रा में किया गया है। अगर कोई टीम अपने पांच खिलाड़ियों को बरकरार रखने का फैसला करती है तो उसके पर्स से 39 करोड़ रुपए निकल जाएंगे।
ऐसे में टीम के पास नीलामी के लिए कुल 21 करोड़ रुपए रह जाएंगे। बरकरार रखे जाने वाले या नीलामी में खरीदे गए खिलाड़ियों के साथ अनुबंध तीन साल तक वैध होगा और टीमों के पास हर साल इसका नवीकरण करने का विकल्प रहेगा।
पहले भी बाहर हो चुका है टूर्नामेंट
2009 में आम चुनावों के कारण आईपीएल के दूसरे संस्करण का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था और उसे एडम गिलक्रिस्ट की अगुआई में डेक्कन चार्जर्स ने जीता था।
पाकिस्तान ने आईपीएल-7 में भागीदारी की इच्छा जताई है लेकिन सिंगापुर में हुई बैठक में इस पर चर्चा नहीं हुई। माना जा रहा है कि इस बार भी आम चुनाव के कारण किसी और देश में यह टूर्नामेंट जा सकता है।
चुनाव की तारीखें टकराने की स्थिति में टूर्नामेंट के कुछ मैच श्रीलंका और बांग्लादेश में भी कराए जा सकते हैं।
हालांकि आईपीएल में खेल रहे विदेशी खिलाड़ियों ने अब तक विदेशी खिलाड़ियों को बढ़ाने की मांग की है। माना जा रहा है कि हर टीम में खिलाड़ियों की संख्या 33 से घटकर 27 हो सकती है और हर टीम में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या 11 से घटकर नौ रखी जा सकती है।