न्यूजीलैंड की टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी को छोड़कर आईसीसी का कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीता है। यह जीत भी उसे वर्ष 2000 में मिली थी जब उसने फाइनल में भारत को हराकर खिताब जीता था।
न्यूजीलैंड की सबसे बड़ी खूबी है कि उसके पास ऑलराउंडरों की भरमार है और इस समय कप्तान ब्रैंडन मैकुलम भी जीवन की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहे हैं। तेज गेंदबाजी विभाग संतुलित है जबकि स्पिन विभाग का जिम्मा अनुभवी डेनियल विटोरी संभालेंगे।
साथ ही टीम को घरेलू हालात का लाभ मिलने की पूरी संभावना है। ऐसे में अगर क्रिकेट पंडित न्यूजीलैंड की टीम को सेमीफाइनल में जाता देख रहे हैं तो इसमें हैरान होने जैसी कोई बात नहीं है।
विस्फोटक कप्तान मैकुलम के अलावा टीम के लिए आतिशी बल्लेबाज कोरी एंडरसन और केन विलियम्सन भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही अनुभवी रॉस टेलर से भी काफी उम्मीदें हैं।
पिछले कुछ सालों से किवी टीम का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टेस्ट के अलावा वनडे क्रिकेट में कई बड़ी जीत हासिल की है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह वर्ल्ड कप उसके घर में हो रहा है। 1992 का वर्ल्ड कप न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में खेला गया था जहां टीम ने सेमीफाइनल तक का रास्ता तय किया था।
खास बातें-
1930 में आईसीसी से टेस्ट दर्जा मिला।
कप्तान : ब्रैंडन मैकुलम
कोच : माइक हेसन (न्यूजीलैंड)
न्यूजीलैंड टीम- ब्रैंडन मैकुलम (कप्तान), कोरी एंडरसन, ट्रेंट बोल्ट, ग्रांट इलियट, मार्टिन गुप्टिल, टॉम लाथम, मिचेल मैक्लेनाघन, नाथन मैकुलम, काइल मिल्स, एडम मिलने, ल्यूक रोंची (विकेटकीपर), डेनियल विटोरी, केन विलियम्सन, रॉस टेलर और टिम साउदी।