पाकिस्तान के स्टार तेज गेंदबाज नसीम शाह ने 19 साल की उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बलूचिस्तान पुलिस ने डीएसपी बनाया है। नसीम को मानद उपाधि दी गई है। उन्हें सम्मानित करने के लिए यह खास समारोह का आयोजन किया गया। क्वेटा के आईजी बलूचिस्तान पुलिस ऑफिस में नसीम को सम्मानित किया गया। वह पुलिस की वर्दी में नजर आए।
डीसएपी बनाए जाने के बाद नसीम काफी खुश नजर आए। उन्होंने समारोह में कहा, ''मैं जब छोटा था तो पुलिस से बहुत डरता था। मेरे माता-पिता पुलिस बोल-बोलकर डराते थे। जैसे-जैसे बड़ा हुआ तो मुझे इस बात का अंदाजा हुआ कि पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए कितना त्याग करते हैं।'' नसीम को बलूचिस्तान पुलिस का गुडविल एंबेसडर बनाया गया है।
नसीम ने कहा- पुलिस के प्रति मेरे मन में सम्मान
नसीम ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा, ''पुलिसकर्मियों के त्याग का एक सीधा और सरल उदाहरण मेरे पास है। एनसीए (नेशनल क्रिकेट एकेडमी) में हमारी सुरक्षा के लिए जिन पुलिसकर्मियों को बहाल किया जाता है वह रात भर जगकर हमारी सुरक्षा करते हैं। अगर मैं एक रात नहीं सोऊं तो हो सकता है कि अगले दिन मैं कुछ करने लायक नहीं बचूं। पुलिस के प्रति मेरे मन में काफी सम्मान है। मैं उनका आभारी हूं।''
नसीम की तरह ही भारत में कई खिलाड़ियों को मानद उपाधि दी जा चुकी है। 1983 में विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान कपिल देव को सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि दी गई थी। सचिन तेंदुलकर को 2010 में भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन बनाया गया था। वहीं, 2011 में विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक मिली थी।