नितीश राणा के विकेट से यह पूरा मामला जुड़ा रहा। स्पिनर रमीज खान की गेंद पर राणा ने स्वीप शॉट खेला और स्क्वायर लेग पर मुस्तैद फील्डर ने कैच लपक लिया। मप्र के खिलाड़ी विकेट का जश्न मनाने लगे जबकि राणा क्रीज पर खड़े रहे।
अंपायर राजीव गोदरा ने स्क्वायर लेग अंपायर नवदीप सिंह के साथ चर्चा की और तीसरे अंपायर से निर्णायक फैसला देने का इशारा किया। रीप्ले देखने वाले अंपायर ने नितीश राणा को नॉटआउट करार दिया, जिसके बाद ओझा अपना आपा खो बैठे।
टीम इंडिया के लिए एक टेस्ट, एक वन-डे और दो टी-20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके ओझा ने गुस्से में आकर अंपायर गोदरा की तरफ उंगली दिखाई और उनकी क्षमता पर सवाल खड़े किए। वह अंपायर से झड़प करने लगे, जिसकी वजह से मैच करीब 20 मिनट तक रुका रहा।
मैच रेफरी गोयल ने मैदान पर आकर मामला संभाला और फिर मैच आगे बढ़ा। ओझा पर कड़ी सजा मिलने का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि उन्होंने खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।
बहरहाल, मैच दोबारा शुरू हुआ और दिल्ली ने मध्यप्रदेश को 285 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया। इसका पीछा करते हुए मध्यप्रदेश की टीम केवल 209 रन पर ढेर हो गई।