नाडा ने पहली बार क्रिकेटरों पर सख्ती का डंडा चलाते हुए नेशनल रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आरटीपी) में शामिल देश के पांच नामी क्रिकेटरों को नोटिस भेज दिया है। नाडा ने आरटीपी में शामिल चेतेश्वर पुजारा, रवींद्र जडेजा, केएल राहुल, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा को यह नोटिस अप्रैल से जून माह के क्वार्टर दो का व्हेयर अबाउट (सैंपल देने के लिए ठिकाना या पता) नहीं भरने के लिए दिया है।
बोर्ड की माने तो, 'क्रिकेटर्स को भी कई बार इस प्रक्रिया को खुद पूरा करने में मुश्किल आती है। हालांकि, ज्यादातर क्रिकेटर पढ़े-लिखे होते हैं और तकनीक की जानकारी होती है। हो सकता है उनके पास फॉर्म भरने के लिए समय न हो इसलिए बीसीसीआई ने इनके रहने की स्थान की जानकारी देने की जिम्मेदारी ली है।'
एंटी डोपिंग के लिए नाडा के संरक्षण में आए बीसीसीआई को 10 माह का समय हो चुका है, लेकिन यह पहली बार है जब नाडा ने क्रिकेटरों पर सख्त रवैया अपनाते हुए उन्हें नोटिस भेजा है। हालांकि लॉकडाउन में किसी तरह की टेस्टिंग नहीं चल रही है। बावजूद इसके आरटीपी में शामिल खिलाड़ियों को अपना व्हेयर अबाउट नियमित रूप से भरना पड़ता है। साल में चार बार खिलाड़ियों को व्हेयर अबाउट भरने पड़ते हैं। साल में तीन बार खिलाड़ी को नोटिस जारी होने पर उसका मिस टेस्ट मान लिया जाता है। उसके बाद खिलाड़ी को अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए हियरिंग पैनल के समक्ष पेश होना पड़ता है।
व्हेयर अबाउट नहीं देने के लिए वेस्टइंडीज के क्रिकेटर आंद्रे रसेल एक साल के लिए प्रतिबंधित हो चुके हैं। उन्होंने साल 2015 में तीन बार अपना व्हेयर अबाउट नहीं दिया। उन पर 31 जनवरी 2017 से 30 जनवरी 2018 तक का प्रतिबंध लगा। यही कारण है कि इस नोटिस की गंभीरता समझते हुए क्रिकेटरों ने तत्काल नाडा को जवाब दिया।
सिर्फ क्रिकेटर ही इस लापरवाही में शामिल नहीं है बल्कि डोपिंग के झूठे मामले में दो साल तक परेशान रहने वाली वेटलिफ्टर संजीता चानू ने नाडा को अपना व्हेयर अबाउट नहीं भेजा है। नाडा ने उन्हें और कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन लिफ्टर आरवी राहुल को भी नोटिस भेजा है। जिन 41 खिलाडिय़ों को नोटिस भेजे गए हैं। उनमें आठ नामी एथलीट भी शामिल हैं। इनमें से ज्यादादार एनआईएस पटियाला में कैंप में शामिल हैं।