लंबे समय से चले आ रहे विवादों के बीच रविवार को बीसीसीआई की आम सभा की बैठक में एन. श्रीनिवासन को फिर से अध्यक्ष चुन लिया गया है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट यह पहले ही साफ कर चुका है कि जब तक स्पॉट फिक्सिंग मामले में अदालत का फैसला नहीं आ जाता, श्रीनिवासन बीसीसीआई अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के बावजूद पदभार ग्रहण नहीं कर सकेंगे।
श्रीनिवासन दक्षिण जोन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
अहम बैठक से एक दिन पहले चले ड्रामे के दौरान शनिवार को सेंट्रल जोन के उपाध्यक्ष सुधीर दबीर और वेस्ट जोन के निरंजन शाह को बीसीसीआई उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया, जबकि यह दोनों ही कार्यकाल में विस्तार के लिए योग्य थे।
एमसीए अध्यक्ष रवि सावंत ने जहां निरंजन शाह की जगह ली, वहीं राजीव शुक्ला ने दबीर की जगह कमान संभाली। दबीर को शशांक मनोहर का करीबी माना जाता है, वहीं निरंजन, शरद पवार के खास समझे जाते हैं।
वहीं अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं के चलते उपाध्यक्ष के पद पर बने रहने के अनिच्छुक भाजपा नेता अरुण जेटली की जगह दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के स्नेह बंसल ने ली।
हरियाणा क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी के कोषाध्यक्ष के पद के लिए नामांकित किया गया है, जो रवि सावंत के उपाध्यक्ष बनने के बाद खाली हो जाएगा। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के चित्रक मित्रा और हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवलाल यादव का कार्यकाल भी एक साल के लिए बढ़ाने पर मुहर लगभग लग गई है।