चेन्नई की बड़ी हार
करो या मरो के मैच में चेन्नई के बल्लेबाजों का प्रदर्शन बहुत ही निराशानजक रहा। टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की शुरुआत खराब रही। चेन्नई की टीम को पारी के पहले ही ओवर में दो झटके लगे। डेनियल सैम्स ने डेवोन कॉनवे और मोईन अली को पवेलियन भेज पहले ही ओवर में मैच अपनी टीम के पक्ष में कर दिया, क्योंकि कॉनवे इस सीजन चेन्नई के सबसे इन फॉर्म बल्लेबाज थे। उन्होंने इस मैच से पहले 85 नाबाद, 56 और 87 रन की पारी खेली थी। मैच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा चेन्नई का कोई बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। सात बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके। वहीं, तीन बल्लेबाज शून्य पर भी आउट हुए। अंत में चेन्नई की टीम 16 ओवर में 97 रन ही बना सकी।
इसके जवाब में मुंबई की शुरुआत भी कुछ खास नहीं थी। 33 रन के स्कोर पर टीम के चार विकेट गिर चुके थे। इसके बाद तिलक वर्मा और ऋतिक शौकीन ने 48 रन की साझेदारी कर अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। अंत में टिम डेविड ने मैच खत्म किया।
विवादों में रही अंपायरिंग
चेन्नई और मुंबई के बीच मुकाबले में उस वक्त अजीब परिस्थिति देखने को मिली, जब स्टेडियम के कुछ हिस्सों में बिजली चली गई और डीआरएस तकनीक ने काम करना बंद कर दिया। बिजली नहीं होने के कारण मैच के शुरुआती 10 गेंद तक डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) उपलब्ध नहीं हो सका और इसका नुकसान चेन्नई की टीम को उठाना पड़ा। शुरुआती 10 गेंद में चेन्नई के तीन खिलाड़ी आउट हुए। इसमें कॉनवे, मोईन अली और रॉबिन उथप्पा शामिल हैं। कॉनवे और उथप्पा तो एल्बीडब्ल्यू आउट हुए और पावरकट होने से डीआरएस नहीं ले सके।