युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने कहा कि कैंसर उनके बेटे के कैरियर में एक छोटी सी बाधा थी लेकिन उन्हें विश्वास था कि युवी इसे पार कर एक बार फिर इतिहास रचेंगें।
योगराज ने कहा, ‘मैं अपने जीवन में हमेशा ही निर्भर रहा हूं। मेरे पिता ने भी मुझे यही सिखाया और मैंने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि युवी भी अपने जीवन में ऐसे ही रहें। मुझे यकीन था कि बीमारी के बावजूद भी युवी को कुछ नहीं होगा क्योंकि वह असल मायनों में एक योद्धा हैं।
मेरे परिवार के लोग कहते थे कि मुझे युवराज पर इतना सख्त नहीं होना चाहिए लेकिन मेरा मानना था कि युवी को कठिन रास्तों पर चलने का अभ्यास होना चाहिए। सभी को एक दिन मरना है लेकिन अगर आप मौत को स्वीकार कर लें तो जीवन और भी खूबसूरत हो जाता है।’