मुंबई के लिए पिछले सीजन सेमीफाइनल में शतकीय डेब्यू करने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने नए सीजन की शुरुआत भी रिकॉर्ड के साथ की है। वह दलीप ट्रॉफी के फाइनल में शतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं। इसके साथ ही वह इस टूर्नामेंट में सचिन तेंदुलकर के बाद शतक जड़ने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के बल्लेबाज भी बन गए हैं। 17 वर्षीय पृथ्वी ने इंडिया ब्लू की ओर से खेलते हुए ये कारनामा किया। पृथ्वी का ये करियर के तीसरे प्रथम श्रेणी मैच में दूसरा शतक है।
पिछले सीजन रणजी ट्रॉफी फाइनल में गुजरात के खिलाफ वह अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। उन्होंने इसी रिकॉर्ड को एक बार फिर दिलीप ट्रॉफी में भी दोहराया और अर्धशतक जड़ने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए। इसके बाद वह अपनी इस पारी को बढ़ाकर फाइनल में शतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज भी बन गए। शॉ ने 17 साल 320 दिन की उम्र में ये कारनामा किया है। सचिन तेंदुलकर ने 17 साल 262 दिन की उम्र में गुवाहाटी में वेस्ट जोन की ओर से खेलते हुए ईस्ट जोन के खिलाफ किया था।
जो कारनामा सचिन तेंदुलकर ने किया था उस कारनामे को दोहराने से पृथ्वी शॉ एक कदम दूर रह गए हैं। सचिन ने रणजी, दलीप और देवधर तीन टूर्नामेंट में अपने डेब्यू मैच में शतक जड़ा था। शॉ दो टूर्नामेंट में शतकीय आगाज कर चुके हैं। ऐसे में सचिन की बराबरी करने के लिए उनके सामने केवल एक टूर्नामेंट रह गया है।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के जावेद मियादाद के नाम दर्ज है। मियादाद ने साल 1974-75 में कायदे आजम ट्रॉफी में सिंध ए की ओर से खेलते हुए पंजाब ए के खिलाफ 101 रन की पारी खेली थी। उस वक्त उनकी उम्र 17 साल 275 दिन थी।