बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई को क्विंटन डिकॉक और रोहित शर्मा ने शानदार शुरूआत दिलाई। डिकॉक ने दीपक चाहर की पारी की पहली ही गेंद पर चौका जड़ा दिया। उन्होंने तीसरे ओवर में इस गेंदबाज के खिलाफ छक्क लगया जबकि रोहित ने इस ओवर में लगातार दो चौके जड़े। रोहित ने सैम कुरेन के अलगे ओवर में भी लगातार दो गेंदों पर चौका लगाने के बाद लुंगी एनगिडी का स्वागत छक्के के साथ किया।
आठवें ओवर में गेंदबाजी के लिए आए शारदुल ठाकुर ने रोहित को आउट कर चेन्नई को पहली सफलता दिलाई। उन्होंने 24 गेंद में चार चौके और एक छक्का की मदद 35 रन बनाने के साथ पहले विकेट के लिए डिकॉक के साथ 71 रन की साझेदारी की।
अगले ओवर में गेंदबाजी के लिए रविन्द्र जडेजा ने सूर्य कुमार यादव (03) को विकेटकीपर धोनी के हाथों कैच करवाया। मोईन ने 10वें ओवर में अपनी गेंद पर डिकॉक का कैच लपक कर मुंबई की मुश्किलें बढ़ा दी थी।
पोलार्ड ने जडेजा के द्वारा किए गए 13वें ओवर में तीन और 14वें ओवर में लुंगी एनगिडी के खिलाफ दो छक्के जड़ अपने इरादे जाहिर कर दिए। पोलार्ड ने अगले ओवर में शारदुल का स्वागत फिर से छक्के के साथ किया और लगातार तीन चौके लगाकर 17 गेंद में मौजूदा सत्र का सबसे तेज अर्धशतक पूरा किया।
दूसरे छोर से अब तक संभल कर बल्लेबाजी कर रहे कृणाल ने एनगिडी का 16वें ओवर में छक्का और फिर दो चौका लगाकर मैच का रूख मुंबई की ओर मोड़ दिया।
धोनी ने 17वें में गेंदबाजी का जिम्मा कुरेन का दिया और उन्होंने तीसरी गेंद पर कृणाल को पगबाधा करने के साथ ओवर से सिर्फ दो रन देकर कप्तान के फैसले को सही साबित किया।
हार्दिक ने 19वें ओवर में कुरेन का स्वागत लगातार दो छक्के के साथ किया लेकिन चौथी गेंद पर एक और छक्का लगाने की कोशिश में वह डुप्लेसिस को कैच थमा बैठे। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर जेम्स नीशम ने शारदुल ठाकुर को कैच दे दिया। वह खाता खोलने में नाकाम रहे।
आखिरी ओवर में मुंबई को जीत के लिए 16 रन चाहिए थे। पोलार्ड ने एनगिडी की दूसरी और तीसरी गेंद पर चौका जड़ा जबकि पांचवीं गेंद पर छक्का लगाने के बाद अंतिम गेंद पर दो रन लेकर टीम को यादगार जीत दिला दी।
इससे पहले शुरुआती ओवर में रुतुराज गायकवाड के आउट होने के बाद डुप्लेसिस और मोईन ने दूसरे विकेट लिए 108 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी। मोईन ने 36 गेंद में चार चौके और पांच छक्के जड़े ।
शानदार लय में चल रहे फाफ डुप्लेसिस ने सत्र का पहला मैच खेल रहे धवल कुलकर्णी का स्वागत चौके के साथ करने के बाद तीसरी गेंद पर चहलकदमी करते हुए शानदार छक्का जड़ा। अगले ओवर में मोईन अली ने भी बोल्ट की लगातार गेंदों पर छक्का और फिर चौका लगाया।
मोईन ने 10वें ओवर में नीशम पर छक्का और फिर एक रन के साथ 33 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। अगली गेंद पर हालांकि डुप्लेसिस रन आउट से बच गए। उन्होंने इसके बाद लगातार दो चौके जड़े।
डुप्लेसिस ने 11वें ओवर में बुमराह पर लगातार दो छक्के के साथ टीम के रनों और फिर मोईन के साथ साझेदारी का शतक पूरा किया। बुमराह ने हालांकि वापसी करते हुए विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक के हाथों कैच कराकर मोईन अली की पारी का अंत किया।
कप्तान रोहित ने 12वें ओवर में गेंद कीरोन पोलार्ड को थमाई और उन्होंने आखिरी दो गेंदों पर डुप्लेसिस और रैना के विकेट लेकर उनके फैसले को सही साबित किया। डुप्लेसिस ने 28 गेंद की पारी में दो चौके और चार छक्के लगाये तो वही रैना सिर्फ दो रन बना सके।
रायुडु ने रविन्द्र जडेजा साथ आखिरी पांच ओवरों में 82 रन जोड़े जिसमें बुमराह , बोल्ट और कुलकर्णी की गेंदों को कई बार गेंद को स्टेडियम में पहुंचाया। मुंबई के मुख्य गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में एक विकेट लेकर 56 रन लुटाए, जो उनका सबसे महंगा स्पैल रहा। ट्रेंट बोल्ट ने चार ओवर में 42 रन देकर एक विकेट लिया।