मुंबई ने रविवार को मध्य प्रदेश को पांच विकेट से हराकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली टीम ने दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया। इससे पहले टीम ने अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व में 2022/23 में खिताब पर कब्जा जमाया था। फाइनल मैच में जमकर बवाल हुआ। रजत पाटीदार थर्ड अंपायर के फैसले से नाखुश दिखे और उन्होंने क्रीज से हटने से इनकार कर दिया।
क्या था मामला?
यह घटना मध्य प्रदेश की पारी की आखिरी गेंद पर हुई। रजत पाटीदार क्रीज पर थे। शार्दुल ठाकुर ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डाली। बल्लेबाज ऑफ स्टंप से बाहर चले गए। मैदानी अंपायर ने उसे वाइड करार दिया, लेकिन थर्ड अंपायर ने इसे लीगल डिलीवरी करार दिया। इस दौरान रजत थर्ड अंपायर के फैसले से नाखुश नजर आए और उन्होंने मैदान छोड़ने से इनकार कर दिया।
पाटीदार मैदान से बाहर नहीं गए और दोबारा देखने की जिद पर अड़ गए। उनका मानना था कि गेंद पॉपिंग क्रीज से टकराई थी। आखिरकार टीवी अंपायर ने फैसला पलट दिया। अंपायर अनंथापद्मनाभन को यह कहते हुए सुना गया, बहुत खेद है, गेंद पॉपिंग क्रीज के बाहर जा गिरी थी। मैंने यह नहीं देखा।
मैच में क्या हुआ?
बंगलूरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई ने टॉस जीतकर मध्य प्रदेश को बल्लेबाजी का न्योता दिया। रजत पाटीदार की अर्धशतकीय पारी की बदौलत टीम ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 174 रन बनाए। जवाब में मुंबई ने सूर्यकुमार यादव की 48 रनों की जबरदस्त पारी की बदौलत 17.5 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए और मैच अपने नाम कर लिया।