इंग्लैंड में 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में लगातार 2 मैच गंवाकर टीम इंडिया सीरीज गंवाने की कगार पर पहुंच गई है, जबकि एक समय हालत यह थी कि टीम को सीरीज जीतने के प्रवल दावेदार माना जा रहा था।
लेकिन लॉर्ड्स में 28 साल बाद मिली ऐतिहासिक जीत के बाद टीम इंडिया का प्रदर्शन खराब होता चला गया और उसे एक के बाद एक 2 मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
मैनचेस्टर में हुए सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में भारत को जिस तरह से हार मिली उसने भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों को काफी निराश कर दिया। इस टेस्ट में हार के अलावा कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया के खाते में कई अनचाहे रिकॉर्ड जुड़ भी गए।
दुनिया के सबसे असफल कप्तान बन सकते हैं धोनी
भले ही कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया को क्रिकेट के दोनों छोटे संस्करणों (वनडे और टी-20) में तीनों बड़े खिताब दिलाए हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट के मामले में वह अपनी टीम को विदेशी धरती पर ज्यादा जीत नहीं दिला सके हैं।
इस साल आठ महीने में धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया को सिर्फ लॉर्ड्स टेस्ट में जीत मिली है। लेकिन इसके बाद उन्हें साउथम्प्टन और मैनचेस्टर टेस्ट में हार मिली, जिससे धोनी की कप्तानी में विदेशी धरती पर टीम इंडिया की हार का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया।
विदेशी धरती पर धोनी इस समय भारत के सबसे असफल कप्तान हैं और अगर वह विदेश में 3 और मैच गंवाते हैं तो उनका नाम दुनिया के सबसे असफल कप्तानों में शुमार हो जाएगा। धोनी से पहले विदेश में सबसे ज्यादा मैच गंवाने का रिकॉर्ड वेस्ट इंडीज के कप्तान ब्रायन लारा और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग के नाम दर्ज है जिन्होंने अपने देश से बाहर 16-16 मैच हारे हैं।
धोनी के 3 और मैच गंवाने से उनके शानदार करियर में एक अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ जाएगा और यह शायद कई वर्षों तक उनके साथ जुड़ा भी रहे।
जनवरी में सबसे असफल भारतीय कप्तान बने थे माही
कैप्टन कूल का दर्जा पाने वाले महेंद्र सिंह धोनी यूं तो अपने देश में बेहद सफल रहे हैं, लेकिन जब बात विदेश में अपनी टीम को जीत दिलाने की आती है तो वह एकदम फिसड्डी साबित हो जाते हैं।
साल की शुरुआत में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था, जहां उसने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी। लेकिन वेलिंगटन टेस्ट में भारत मैच हार गया साथ ही उसने सीरीज 0-1 से गंवा दी।
इस हार के साथ धोनी ने सौरव गांगुली, मंसूर अली खान पटौदी और मोहम्मद अजहरुद्दीन के बतौर भारतीय कप्तान सबसे खराब रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इन तीनों के नाम विदेश में 10-10 मैच हारने का रिकॉर्ड दर्ज था लेकिन वेलिंगटन टेस्ट में हार के बाद धोनी की कप्तानी में टीम को विदेश में 11वीं हार मिली और भारत के सबसे असफल कप्तान बन गए।
पूर्व कप्तान गांगुली के रिकॉर्ड से काफी पीछे हैं धोनी
भले ही सौरव गांगुली की तुलना में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वनडे और टी-20 में बेहद सफल रहे हैं। लेकिन गांगुली विदेशी धरती पर अभी भी सबसे सफल भारतीय कप्तान बने हुए हैं। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने विदेश में 11 टेस्ट मैच जीते हैं, जिसमें उन्होंने इंग्लैंड (2002) और ऑस्ट्रेलिया (2003-04) में टेस्ट सीरीज बराबरी पर खत्म कराया था।
साथ ही गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने वेस्ट इंडीज, जिम्बाब्वे और श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीता था।
जबकि धोनी की अगुवाई में भारत ने अपने पिछले दौरे में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में 0-4 से टेस्ट सीरीज गंवा दी थी। धोनी 2008 में टेस्ट टीम के कप्तान बने और अब तक वह 56 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं जिसमें 27 मैच जीते, 15 हारे जबकि 14 मैच बराबरी पर खत्म हुए।
विदेशी धरती पर धोनी की कप्तानी में भारत 26 मैचों में 13 मैच हार चुका है, जबकि 6 में ही जीत दिला सके और 14 मैच ड्रॉ हुए।