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मोदी की किरकिरी करा रहे उन्हीं के मंत्री

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भले ही अपनी सरकार के मंत्रियों और सांसदों को संसद की कार्यवाही को गंभीरता से लेते हुए सदैव हाजिर होने की सख्त नसीहत दी हो। मगर उनकी ये नसीहत भी काम नहीं आ पा रही है।
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दरअसल, मंगलवार को राज्यसभा में सदन की कार्यवाही को सिर्फ इसलिए दो बार स्थगित करना पड़ा क्योंकि सदन में एक भी मंत्री नहीं था। न कैबिनेट मंत्री और न ही राज्य मंत्री। विपक्ष ने इसका जोरदार विरोध किया तो उपसभापति पीजे कुरियन ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सवाल उठाया।

सत्तापक्ष भाजपा की ओर से तर्क दिया गया कि लोकसभा में न्यायिक नियुक्ति आयोग बिल पर वोटिंग हो रही है। इसलिए मंत्री दूसरे सदन में है।
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स्पीकर ने प्रकट क‌िया मामले में खेद

मगर उपसभापति ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि लोकसभा से संबंध रखने वाले मंत्रियों का तो दूसरे सदन में वोटिंग के दौरान मौजूद रहना समझ आ रहा है। लेकिन राज्यसभा से संबंध रखने वाले मंत्री आखिर कहां है।

दोपहर दो बजे कुरियन ने सदन की कार्यवाही पांच बजे के लिए स्थगित कर दी। पांच मिनट बाद भी कोई मंत्री सदन नहीं पहुंचा तो फिर कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। 15 मिनट के बाद सिर्फ एक मंत्री थावर चंद गहलोत मौजूद हुए।

गहलोत ने सरकार की ओर से इसके लिए खेद भी प्रकट किया। उस समय सदन में महिला बाल विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा चल रही थी। कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि ये सरकार संसद का अपमान कर रही है।

संसद को गंभीरता से नहीं ले रही। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि आसन की ओर से बार बार आदेश देने के बावजूद मंत्री मौजूद नहीं हो पाए। ये बेहद शर्मनाक घटना है।
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