धर्मशाला में खेला गया टी-20 मैच काफी समय तक टीम इंडिया की जद में था लेकिन अंतिम ओवरों में जेपी डुमिनी और फरहान बेहरदीन ने शतकीय साझेदारी कर भारत से मैच छीन लिया।
शुक्रवार की हल्की-हल्की सी ठंडी रात में खेले गए मैच में जेपी डुमिनी ने संभवत: अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेलकर अपनी टीम को 200 रनों के लक्ष्य के पार पहुंचा दिया। लेकिन हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी माना कि डुमिनी ने बेहद शानदार खेल दिखाया, लेकिन टीम इंडिया बदकिस्मत वाली रही कि वह मध्य क्रम के इस बल्लेबाज का विकेट नहीं झटक सकी।
साथ ही जब दक्षिण अफ्रीकी टीम जीत से कुछ कदम दूर थी तो भारत को इस बल्लेबाज को आउट करने का शानदार मौका मिला लेकिन मैदान पर खड़े भारतीय अंपायर विनीत कुलकर्णी ने पगबाधा नहीं दिया जो मेजबान टीम के पक्ष में नहीं गया और धोनी की टीम को यह मैच 7 विकेट से गंवाना पड़ गया। इस जीवनदान का फायदा उठाकर डुमिनी ने अंतिम ओवर में टीम को जीत दिला दी।