लैंगर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘धोनी 37 बरस का है, लेकिन विकेटों के बीच उसकी दौड़ और फिटनेस गजब की है। लगातार तीन दिन विकेटों के बीच इस तरह दौड़ना और वह भी 40 डिग्री तापमान में और ऐसा खेलना। वह खेल का सुपरस्टार है जो आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को बनने की कोशिश करनी चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘एमएस धोनी, विराट कोहली और टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा। ये सभी आदर्श हैं। एमएस धोनी का तो रिकार्ड बतौर कप्तान, बल्लेबाज और विकेटकीपर उनकी काबिलियत बताता है। वह महानतम क्रिकेटर हैं और ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ हारना दुखद है, लेकिन उनके खिलाफ खेलना फख्र की बात है।’
धोनी को 0 और 74 के स्कोर पर जीवनदान मिला और लैंगर ने इसे हार की वजह बताया।
उन्होंने कहा, ‘दो बार एमएस धोनी का कैच छोड़ने से कोई मैच नहीं जीत सकता। हम मैच विनर्स की बात करते हैं जो उसने फिर बनकर बताया। यह हमारे बल्लेबाजों के लिए सबक था। युवाओं को उनसे सीखना चाहिए।’