दुबे के ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत की पहले टी-20 में अफगानिस्तान पर छह विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई। यशस्वी जायसवाल के नहीं खेलने पर उन्हें नंबर चार पर खेलने का मौका मिला, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया।
हार्दिक पंड्या की जगह टीम में शामिल किए गए ऑलराउंडर शिवम दुबे ने अफगानिस्तान के खिलाफ 40 गेंद में नाबाद 60 रन बनाने के साथ नौ रन पर एक विकेट लेकर स्वप्निल वापसी की। चेन्नई सुपरकिंग्स के इस ऑलराउंडर ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को दिया। शिवम ने कहा कि उनके नजरिए और दृष्टिकोण में बदलाव का बड़ा कारण धोनी हैं।
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धोनी की सलाहों से बढ़ा आत्मविश्वास
दुबे के ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत की पहले टी-20 में अफगानिस्तान पर छह विकेट से जीत में अहम भूमिका निभाई। यशस्वी जायसवाल के नहीं खेलने पर उन्हें नंबर चार पर खेलने का मौका मिला, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। मुंबई के शिवम ने कहा कि जब वह बल्लेबाजी करने के लिए आए तो उन्होंने वह चीजें अपने पर लागू कीं जो उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी से मैच को खत्म करने के बारे में सीखी हैं। शिवम ने बताया कि वह माही भाई (धोनी) से लगातार बात करते रहते हैं। वह मुझे बताते हैं कि अलग-अलग तरह की स्थितियों से कैसे निपटना है। उन्होंने मेरी बल्लेबाजी का मूल्यांकन करते हुए, मुझे दो से तीन सलाहें दी हैं, जिस पर वह अमल करते हैं। शिवम कहते हैं कि जब धोनी ने उनकी बल्लेबाजी को अच्छा बताया तो उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अच्छा खेलना जारी रखना चाहिए। शिवम के मुताबिक उनका आत्मविश्वास इसी वजह से काफी बढ़ा है।
धोनी, रोहित दोनों ने दिया ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी का मौका
शिवम अंतिम बार टी-20 में भारत के लिए अक्तूबर में हुए एशियाई खेलों में खेले थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी वह टी-20 सीरीज में टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें अंतिम एकादश में अवसर नहीं मिला। शिवम ने यह भी कहा कि धोनी की तरह रोहित शर्मा ने भी उन्हें अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। दोनों ने उन्हें ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी का मौका दिया। हालांकि उन्हें अभी काफी मेहनत और काम करना है, दोनों मुझे अच्छा प्रदर्शन करते देखना चाहते हैं, इस चीज ने उनके अंदर काफी सकारात्मकता भरी है।
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अक्षर की निगाह आईपीएल, इंग्लैंड सीरीज पर
शिवम के अलावा अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी-20 में अक्षर पटेल ने भी 23 रन देकर दो विकेट लेते हुए अच्छा प्रदर्शन किया। अक्षर चोट के चलते वनडे विश्वकप में नहीं खेल पाए थे, लेकिन वह आईपीएल के जरिए टी-20 में विश्वकप की टीम के लिए दावा जरूर ठोकेंगे। अक्षर कहते हैं कि उनका काम सौ प्रतिशत प्रदर्शन करना है। वह टी-20 विश्वकप की टीम के चयन के बारे में नहीं सोच रहे हैं। इससे वह खुद अपने ऊपर दबाव लेंगे। उनका ध्यान आईपीएल और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज पर है।