आईपीएल के दसवें सीजन के दूसरे मैच में राइजिंग पुणे सुपरजायंट का मुकाबला मुंबई इंडियंस से हुआ। पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने पर मुबंई की टीम एक के बाद एक विकेट गंवा रही थी। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए किरॉन पोलार्ड को इमरान ताहिर गेंदबाजी कर रहे थे। पारी के 15वें ओवर की दूसरी गेंद पर बॉल जाकर पोलार्ड के पैड से टकराई।
ताहिर और पुणे की टीम ने जोरदार अपील की, जिसे अंपायर ने नकार दिया। इस अपील के बाद मैदान पर कुछ ऐसा हुआ, जिसपर अंपायर भी मुस्कुरा दिए। दरअसल, इस पूरे प्रकरण के बाद धोनी ने रिव्यू लेने का इशारा किया।
गौरतलब है कि आईपीएल में डीआरएस प्रणाली अभी लागू नहीं है। ऐसे में उनके द्वारा ऐसी मांग करना बेहद मजेदार नजारा था। इसके अलावा, यदि यह प्रणाली लागू होती, तब भी धोनी को डीआरएस लेने का अधिकार नहीं है। फील्डिंग टीम से सिर्फ कप्तान ही रिव्यू ले सकते हैं और पुणे टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ हैं।
इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में भी धोनी रिव्यू मांग चुके हैं। लगता है कप्तानी के दबाव से मुक्त होकर धोनी काफी रिलैक्स महसूस कर रहे हैं और मैदान में हल्की-फुल्की मस्ती करते दिखाई दिए।