रचिन ने इस मामले में भारत के श्रेयस अय्यर को पीछे छोड़ा जिन्होंने पांच मैचों में 243 रन बनाए। रचिन के अलावा भारत के विराट कोहली भी इस दौड़ में शामिल थे, लेकिन वह फाइनल में एक रन बनाकर आउट हुए और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने से चूक गए।
डकेट, रूट और जादरान की टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। ऐसे में अब शीर्ष पर रहने की लड़ाई मूल रूप से न्यूजीलैंड के रचिन और भारत के स्टार बल्लेबाज कोहली के बीच थी। फाइनल से पहले रचिन और डकेट के बीच दो रन का फासला था और रचिन भारत के खिलाफ खिताबी मैच में तीन रन बनाते ही शीर्ष पर आ गए। अगर कोहली फाइनल में 47 रन बनाने में सफल रहे तो वह रचिन को पीछे छोड़ देते। हालांकि, माइकल ब्रेसवेल ने कोहली को एलबीडब्ल्यू किया और रचिन के लिए राह आसान कर दी।
फाइनल में नहीं चला बल्ला
रचिन भले ही टूर्नामेंट में दो शतक लगा चुके थे लेकिन भारत के खिलाफ एक बार फिर उनका बल्ला ज्यादा नहीं चला। दुबई में खेले गए लीग चरण के मैच में रचिन केवल छह रन बनाकर हार्दिक पांड्या की गेंद पर अपर कट लगाने के प्रयास में आउट हो गए थे। वहीं, फाइनल मुकाबले में कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने रचिन को बोल्ड कर उनकी पारी का अंत किया। दूसरी ओर, कोहली भी इस चैंपियंस ट्रॉफी में लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 22 रन, पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 100, न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 84 रनों की पारियां खेली थी, लेकिन फाइनल में कोहली का बल्ला भी नहीं चला। श्रेयस खिताबी मुकाबले से पहले इस दौड़ में शामिल भी नहीं थे, लेकिन 48 रनों की दमदार पारी की मदद से वह सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज रहे।