भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कहा है कि उन्हें नेट्स में चेतेश्वर पुजारा को गेंदबाजी करना पसंद नहीं है। शमी ने इसकी वजह भी बताई है। उन्होंने कहा है कि पुजारा जब तक 100-200 गेंद नहीं खेल लेते हैं, तब तक नेट्स में अभ्यास करते रहते हैं। इसी वजह से शमी उन्हें अभ्यास नहीं करना चाहते हैं। 31 साल के शमी लगभग नौ सालों से भारत के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने अब तक टीम इंडिया के लिए 57 टेस्ट, 71 वनडे और 17 टी-20 मैच खेले हैं।
शमी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में मजाकिया अंदाज में कहा "हम पेशेवर हैं, यहां पसंद और नापसंद का मामला नहीं होता है। बीसीसीआई आपको इतने पैसे देता है, तो आपको गेंदाबाजी करने में मजा आता है, लेकिन कोई भी आपको चेतेश्वर पुजारा की तरह परेशान नहीं कर सकता। सभी को पता है कि वे जब तक 100 से 200 गेंद नहीं खेल लेते हैं, तब तक सोने नहीं जाते हैं।"
श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में नहीं खेलेंगे पुजारा
34 साल के चेतेश्वर पुजारा को भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। पिछले कुछ सालों में उनका प्रदर्शन खराब था और वे रन बनाने के लिए जूझ रहे थे। ऐसे में बीसीसीआई चाहता है कि पुजारा जैसे खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में रन बनाएं और फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी करें। पुजारा के साथ ही रहाणे को भी भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है और वे भी रणजी क्रिकेट खेल रहे हैं।
पुजारा अब तक भारत के लिए 95 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्होंने 43.88 के औसत से 6713 रन बनाए हैं। इसमें तीन दोहरे शतक, 18 शतक और 32 अर्धशतक शामिल हैं।
पहली बार बुमराह को देखकर हैरान रह गए थे शमी
शमी ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार जसप्रीत बुमराह को गेंदबाजी करते देखा था तो वे हैरान रह गए थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि कोई खिलाड़ी ऐसे एक्शन के साथ कैसे इतनी गति प्रापित कर सकता है। शमी ने पहली बार आईपीएल में बुमराह को देखा था। जब वो भारतीय टीम में आए तब तक शमी उन्हें जानने लगे थे। वे अब बुमराह से यॉर्कर गेंद करना सीखना चाहते हैं। शमी के अनुसार बुमराह की यॉर्कर गेंद बहुत सटीक है और वे चाहते हैं कि उनकी यॉर्कर भी बुमराह की तरह सटीक हो। शमी और बुमराह ने साथ में भारत को कई मैच जिताए हैं।