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Champions Trophy: अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ हैं मोहम्मद शमी, लय वापस हासिल करने की कर रहे कोशिश

Wed, 05 Mar 2025 03:43 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

चोट से उबरकर वापसी करने वाले शमी ने चोटिल जसप्रीत बुमराह की गैर मौजूदगी में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान हर्षित राणा या हार्दिक पांड्या के साथ नई गेंद संभाली।
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मोहम्मद शमी - फोटो : PTI
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विस्तार
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जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय तेज गेंदबाजी की अगुआई कर रहे मोहम्मद शमी को इस बात का अच्छी तरह अहसास है कि उन पर अधिक जिम्मेदारी है। शमी ने चैंपियंस ट्रॉफी में अब तक बुमराह की कमी खलने नहीं है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में तीन विकेट झटके और गेंद से उपयोगी योगदान दिया। शमी ने स्वीकार किया कि एकमात्र प्रमुख तेज गेंदबाज होने के नाते पर उन पर काफी जिम्मेदारी है। 
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शमी पर अधिक कार्यभार
शमी ने कहा कि वह अपनी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि चैंपियंस ट्रॉफी में टीम की जरूरतों पर खरे उतर सकें। चोट से उबरकर वापसी करने वाले शमी ने चोटिल जसप्रीत बुमराह की गैर मौजूदगी में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान हर्षित राणा या हार्दिक पांड्या के साथ नई गेंद संभाली। राणा अभी नए हैं और पांड्या ऑलराउंडर है जो आमतौर पर वनडे मैच में 10 ओवर नहीं डालते। शमी ने अभी तक टूर्नामेंट में आठ विकेट लिए हैं।

शमी ने कहा कि बुमराह की गैर मौजूदगी में उनका कार्यभार बढ़ गया है लेकिन वह शत प्रतिशत से ज्यादा देने की कोशिश कर रहे हैं। शमी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के बाद कहा, मैं अपनी लय फिर हासिल करके टीम के लिए ज्यादा योगदान देने की कोशिश कर रहा हूं। दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाज टीम में नहीं है और मेरे ऊपर ज्यादा जिम्मेदारी है। जब आप अकेले मुख्य तेज गेंदबाज हैं और दूसरा ऑलराउंडर है तो तो कार्यभार रहता है। आपको विकेट लेकर मोर्चे से अगुआई करनी होती है। मुझे इसकी आदत हो गई है और मैं अपना शत प्रतिशत से अधिक देने की कोशिश कर रहा हूं।

शमी को विश्व कप 2023 के दौरान टखने में चोट लगी थी और वह लंबे ब्रेक पर रहे। उन्होंने कहा कि अब वह लंबे स्पैल फेंकने की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि किसी को अपनी फिटनेस के बारे में बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत है। हमें प्रयास करने होंगे और देखते हैं कि शरीर इसे कैसे लेता है। हम सभी आखिर में मजदूर हैं। मैं अब लंबे स्पैल फेंकने के लिए तैयार हूं। छोटे स्पैल हमेशा आसान होते हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह मायने नहीं रखता कि 10 ओवर फेंकने हैं या छह ओवर।
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शमी बोले- दुबई में खेलने का फायदा मिला
शमी ने कहा कि उन्हें इस बात का भी फायदा मिला है कि भारतीय टीम सारे मैच दुबई में खेल रही है। उन्होंने कहा, इससे निश्चित तौर पर फायदा मिला है क्योंकि हम हालात और पिच को बखूबी समझते हैं। एक ही जगह सारे मैच खेलने से फायदा मिला है।
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