टीम इंडिया के मोहम्मद कैफ ट्विटर यूजर्स के निशाने पर चल रहे हैं। कैफ ने अपने बेटे की शतरंज खेलते हुए तस्वीर सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की थी, जिसके बाद उनकी जमकर आलोचना हुई थी।
अब कैफ ने पलटवार करते हुए अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। पूर्व क्रिकेटर ने ट्वीट के जरिए अपने आलोचकों की बोलती बंद करने का प्रयास किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'जब आप कोई खेल खेलते हैं तो वो जाति, मजहब और धर्म की सारी बाधाओं को पार करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। सभी को ज्यादा खेलने की शुभकामनाएं देता हूं।'
When u are playing a sport,its one of d best ways to break barriers of caste, creed,religion.Wish everyone plays more.#SportsBeyondReligion pic.twitter.com/RSwkJMMoAB— Mohammad Kaif (@MohammadKaif) July 30, 2017
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याद हो कि कैफ ने अपने बेटे के साथ शतरंज खेलते हुए फेसबुक पर तस्वीर साझा की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया था। उन्होंने तस्वीर का कैप्शन दिया था शतरंज के खिलाड़ी। कैफ ने जब ये तस्वीर शेयर की तो लोगों ने कई तरह के कमेंट करने शुरू किए।
लोगों ने कहा, शतरंज खेलना इस्लाम में हराम है। एक व्यक्ति ने कहा, मैं शतरंज का अच्छा खिलाड़ी था। लेकिन जब मुझे पता चला कि शतरंज खेलना हराम है उसके बाद मैंने हमेशा के लिए शतरंज से तौबा कर ली।
लेकिन इस विवाद के बाद इस्लामिक मौलवियों ने बचाव किया है। इमाम साजिद रशीदी ने कहा, जो लोग कैफ पर गैर इस्लामिक होने का आरोप लगा रहे हैं वो गलत हैं। उन्होंने कहा चेस खेलने में कोई बुराई नहीं है बशर्ते उसमें किसी तरह का जुआ न शामिल हो। जो लोग आरोप लगा रहे हैं वो गलत हैं वो अपने बेटे के साथ खेल रहे हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है।
उन्होंने ये भी कहा, मोहम्मद शमी और इरफान पठान के मामले से ये बिलकुल अलग है। उन -दोनों ने अपनी-अपनी पत्नियों की तस्वीर फेस बुक पर साझा की थे वो गैर इस्लामिक है।
इससे पहले भी सोशल मीडिया पर ट्रोल हो चुके हैं। वह आखिरी बार उस वक्त ट्रोल हुए थे जब उन्होंने ट्विटर पर सूर्य नमस्कार करते हुए तस्वीरें साझा की थीं।