भारतीय क्रिकेट प्रशासन में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जम्मू-कश्मीर और आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके पूर्व क्रिकेटर और अनुभवी बल्लेबाज मिथुन मनहास बीसीसीआई (BCCI) के नए अध्यक्ष बन सकते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में हाल ही में हुई बैठक में मनहास का नाम सबसे आगे रहा। अगर मनहास बीसीसीआई अध्यक्ष चुने जाते हैं तो यह पहली बार होगा जब जम्मू-कश्मीर से कोई खिलाड़ी इस पद पर बैठेगा।
जम्मू-कश्मीर से पहला बड़ा नाम
45 साल के मिथुन मनहास भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट के स्टार रहे। उन्होंने 157 प्रथम श्रेणी मैचों में 9,714 रन बनाए। भले ही उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन आईपीएल में वह तीन फ्रेंचाइजियों के लिए खेले। इनमें दिल्ली डेयरडेविल्स, पुणे वॉरियर्स और चेन्नई सुपर किंग्स शामिल हैं। मौजूदा समय में वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के प्रशासक हैं और इससे पहले दलीप ट्रॉफी के लिए नॉर्थ जोन के संयोजक रह चुके हैं। इसके अलावा, वे आईपीएल टीम गुजरात टाइटंस के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा भी रह चुके हैं।
रॉजर बिन्नी की जगह ले सकते हैं मनहास
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मनहास मौजूदा अध्यक्ष रॉजर बिन्नी की जगह लेने जा रहे हैं। बिन्नी को पद छोड़ना पड़ा क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के नियमों के मुताबिक किसी भी पदाधिकारी की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष है। मनहास का चर्चा में आना चौंकाने वाला है क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह और रघुराम भट्ट भी इस दौड़ में थे। हालांकि, अंत में मनहास पर सहमति बनी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कर्नाटक के दिग्गज रघुराम भट्ट को कोषाध्यक्ष बनाने की पूरी संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के प्रभतेज सिंह भाटिया को संयुक्त सचिव बनाया जा सकता है।
अन्य अहम बदलाव
बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। पूर्व भारतीय क्रिकेटर प्रज्ञान ओझा को राष्ट्रीय सीनियर पुरुष चयन समिति में शामिल किया जा सकता है। वे एस शरथ की जगह ले सकते हैं। एस शरथ को जूनियर चयन समिति का नया चेयरमैन बनाया जा सकता है और वह वीएस तिलक नायडू की जगह ले सकते हैं।
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आरपी सिंह को सुब्रतो बनर्जी की जगह चयन समिति में शामिल किया जा सकता है। ये सभी बदलाव 28 सितंबर से लागू होंगे, यानी मौजूदा चयन समिति ही वेस्टइंडीज के खिलाफ दो अक्तूबर से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज के लिए टीम चुनेगी।
देवजीत साकिया बीसीसीआई सचिव पद पर बने रहेंगे। वहीं, राजीव शुक्ला उपाध्यक्ष बने रहेंगे। शुक्ला पहले ही इस पद पर पांच साल पूरे कर चुके हैं। अरुण धूमल का आईपीएल चेयरमैन के रूप में बने रहना तय माना जा रहा है, लेकिन बीसीसीआई वकीलों से परामर्श ले रही है कि क्या उन्हें तीन साल कोषाध्यक्ष रहने और अब चेयरमैन बनने के बाद 'कूलिंग ऑफ पीरियड' लेना पड़ेगा या नहीं।
महत्वपूर्ण चेहरे बैठक से रहे नदारद
बैठक में कई बड़े नाम मौजूद नहीं थे। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रतिनिधि के तौर पर नामित पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह बैठक में शामिल नहीं हुए। यह स्पष्ट नहीं है कि पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली, जो क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, बैठक में मौजूद थे या नहीं। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व भारतीय विकेटकीपर किरण मोरे का नाम भी किसी पद के लिए चर्चा में है। रिपोर्ट्स का कहना है कि सत्तारूढ़ पार्टी खेल प्रशासनों में खिलाड़ियों को बड़ी जिम्मेदारियां देने के पक्ष में है।