आईपीएल को एक हफ्ते के लिए स्थगित किया गया था
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष और सीमा पर तनाव के कारण दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग को नौ मई को निलंबित कर दिया गया था। इसके निलंबन के एक दिन बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की गई। इससे शनिवार से आईपीएल के फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया। हालांकि, जॉनसन का मानना है कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए बाकी बचे मैचों में भाग न लेना समझदारी होगी।
'खिलाड़ियों को अपने निर्णय लेने का अधिकार'
उन्होंने 'वेस्ट ऑस्ट्रेलियन' अखबार के लिए अपने कॉलम में लिखा, 'क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने खिलाड़ियों को अपने निर्णय लेने का अधिकार दिया है, लेकिन उनके लिए विकल्पों का चयन करना मुश्किल हो सकता है। क्रिकेट में इन दिनों बहुत ज्यादा पैसे खर्च हो रहे हैं, लेकिन यह अब भी एक खेल ही है और इस सप्ताह आईपीएल के बंद होने के बाद इस बात पर काफी ध्यान गया है।'
'मैं होता तो नहीं में जवाब देता'
उन्होंने कहा, 'मुझे अगर यह फैसला करना पड़े कि भारत वापस लौटकर टूर्नामेंट खत्म करूं या नहीं, तो यह एक आसान फैसला होगा। मैं इसका जवाब नहीं में देना पसंद करूंगा। जिंदगी और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण चीज है, पैसे नहीं।
17 मई से शुरू होगा लीग का दूसरा चरण
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोमवार को कहा कि उसने व्यापक विचार-विमर्श करने और सरकार से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के बाद लीग को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसका फाइनल पहले से तय 25 मई की जगह अब तीन जून को खेला जाएगा। हालांकि, अब तक फाइनल समेत प्लेऑफ के चार मैचों का स्थान तय नहीं किया गया है।
11 जून से डब्ल्यूटीसी का फाइनल भी खेला जाना है
संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक प्लेऑफ में भाग लेने वाले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों को 11 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल की तैयारी के लिए काफी कम समय मिलेगा।
'किसी को वापस जाने के लिए दबाव महसूस नहीं करना चाहिए'
जॉनसन ने कहा, 'यह एक व्यक्तिगत फैसला है। किसी को भी वापस जाने के लिए मजबूर या दबाव महसूस नहीं करना चाहिए। भले ही आईपीएल और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) इसके लिए कड़ी मेहनत करें। दोनों टूर्नामेंटों को अभी समाप्त कर देना चाहिए या स्थानांतरित करने पर विचार करना चाहिए।'