शूटिंग विश्व कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम की चिंकी यादव के साथ संजना किरण (दाएं से आखिरी)
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कोहली की टीम का बढ़ाएंगी मनोबल
अब उनके सामने विराट कोहली, एबी डीविलयर्स, युजवेंदर चहल, ग्लेन मैक्सवेल जैसे क्रिकेटरों के मनोबल को ऊंचा बढ़ाने की बारी है। सचिन तेंदुलकर हों या फिर राहुल द्रविड या वेस्टइंडीज पेस बैटरी के खिलाफ रनों से जूझ रहे दिग्गज ऑस्ट्रेसियाई ग्रेग चैपल, इन सभी ने थोड़े समय के लिए कभी न कभी मनोचिकित्सक का सहारा जरूर लिया है। हालांकि यह सच्चाई है कि ओलंपिक खेलों की तरह क्रिकेट में मनोचिकित्सक या फिर माइंड कोच की जरूरत ज्यादा महसूस नहीं की गई, लेकिन कोरोना काल में बायो बबल में चल रहे क्रिकेट ने टीमों को इस दिशा में सोचने पर मजबूर कर दिया है।