उन्होंने कहा, 'पुरुष और महिला टीमों के बीच होने वाली एशेज ट्रॉफी से जुड़ी इतनी सारी शानदार कहानियां हैं और शायद हम कुछ और विशेष तैयार कर सकते हैं जिसके बारे में अगले 100 साल में उसकी तरह बात होगी जैसे एशेज के बारे में होती है।'
ऑस्ट्रेलिया की ओर से पांच टेस्ट और 61 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने वाली 48 साल की जोन्स ने कहा कि इस तरह की ट्रॉफी के जरिए दोनों देशों के बीच महिला क्रिकेट का इतिहास और इससे जुड़े लोगों की कहानियां बयां करना शानदार होगा।
जोन्स ने कहा कि इस तरह की ट्रॉफी के लिए सोशल मीडिया के जरिए जनता का फैसला लेना शायद सर्वश्रेष्ठ रहेगा। उन्होंने इस ट्रॉफी के संदर्भ में शांता रंगास्वामी और मारग्रेट जेनिंग्स जैसी दिग्ग्जों के नाम लिए।
भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच पहला टेस्ट जनवरी 1977 में वाका में खेला गया था, जिसे मेजबान टीम ने 147 रन से जीता था। इस मैच में शांता ने भारत जबकि मारग्रेट ने ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की थी।
दोनों टीमों के बीच सीमित ओवरों का पहला मैच महिला विश्व कप के दौरान 1978 में पटना में खेला गया था और उसे भी ऑस्ट्रेलिया ने 71 रन से जीता। इस मैच में भी ऑस्ट्रेलिया की कप्तान मारग्रेट ही थी जबकि भारत की अगुआई डायना एडुल्जी कर रही थी।