मयंक के पिता बिक्रम शर्मा ने कहा, 'वह मुझे भी क्रिकेट खेलने के लिए हमेशा बोलता था। वह बोलता था कि पापा आप बैटिंग करो, मैं बॉलिंग करूंगा। उसकी पूरी दिलचस्पी क्रिकेट में रही।'
मार्कंडे के कोच महेश इंदर सिंह सोधी ने कहा, 'जब शुरुआत में वह एकेडमी में आया तो तेज गेंदबाजी करता था। फिर बीच-बीच में वह धीमी गति की गेंद डालता थी। वह अपने हाथ के पीछे से गूगली करता था। मेरे दिमाग में आया कि अगर उसे लेग ब्रेक गेंदबाज बना दें तो वह अच्छा गेंदबाज बन सकता है। यही उसके काम आया। गूगली उसका नेचुरल हथियार है।'
फिर मयंक की मां ने कहा कि पहला विकेट मिला तो हम बहुत खुश थे। वहीं कोच ने कहा कि खुशी का ठिकाना नहीं रहा जब मयंक ने पहला विकेट लिया। वो कहता है कि गूगली की योजना बनाकर बल्लेबाज को आउट किया।
बता दें कि मुंबई इंडियंस ने इतने सालों में देश को कई इंटरनेशनल स्टार खिलाड़ी दिए हैं। हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह मुंबई इंडियंस की ही खोज माने जाते हैं जो आज इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना डंका बजा रहे हैं। अब यह देखना रोचक होगा कि क्या मयंक मार्कंडे इस लिस्ट के नए नाम होंगे!