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कैच छोड़कर भी 'हीरो' बन गया दिल्ली डेयरडेविल्स का मयंक

Sat, 18 Apr 2015 10:07 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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दिल्ली डेयरडेविल्स ने आईपीएल-8 में लगातार 2 मैच जीतकर अंक तालिका में शीर्ष 3 में जगह बना ली है। हालांकि उसकी शुरुआत बेहद खराब रही और लगातार 2 मैच गंवा दिया। उसकी यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही क्योंकि उसने दोनों ही मैच अंतिम गेंद पर गंवाया था।
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लेकिन दोहरे हार से शुरुआत करने के बाद दिल्ली टीम ने जोरदार वापसी की और लगातार 2 जीत के साथ विजयी रथ पर सवार हो गई। सनराइजर्स हैदराबाद पर यह जीत एक और मायने में दिल्ली के लिए बेहद खास है क्योंकि इस टीम के खिलाफ उसकी पहली विजय भी है। इससे पहले दोनों के बीच 4 बार भिड़ंत हुई जिसमें बाजी हैदराबाद टीम के हाथ लगी।

इस मैच में युवराज सिंह तो फ्लॉप हो गए लेकिन कप्तान जेपी डुमिनी (54 रन, 4 विकेट) का जोरदार प्रदर्शन जारी है और टूर्नामेंट में एक और अर्धशतक लगाने के बाद एक के बाद एक करके 4 विकेट भी झटक लिए। डुमिनी आईपीएल में वह ऐसा करने वाले चौथे क्रिकेटर बन गए हैं।
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मुकाबले का अंतिम ओवर फेंके जाने से पहले डुमिनी ही मैच के हीरो रहे थे लेकिन अंतिम ओवर की पांचवीं गेंद पर दिल्ली के मयंक अग्रवाल ने सीमा रेखा के पास एक कैच छोड़ दिया लेकिन कैच टपकाने के बावजूद भी उनकी आलोचना नहीं हुई और टीम की जीत में अपनी निर्णायक भूमिका निभाई। वैसे ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए डुमिनी ही मैन ऑफ द मैच बने।
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मयंक ने कैच छोड़कर भी मैच को बचा लिया

सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ दिल्ली डेयरडेविल्स के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल नहीं चले। लेकिन उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की नाकामी को एक बेहद ही शानदार क्षेत्ररक्षण से दूर कर दिया। उन्हीं के अंतिम ओवर में किए गए एक बेहद शानदार क्षेत्ररक्षण ने दिल्ली की दूसरी जीत में अपना निर्णायक योगदान दे दिया। दिलचस्प यह है कि 20वें ओवर की पांचवीं गेंद पर उन्होंने सीमारेखा के पास हवा में उछाल भरते हुए छक्का रोक दिया लेकिन क्षेत्ररक्षण के दौरान उन्होंने कैच लपकने का कोई प्रयास नहीं किया, बावजूद इसके वह प्रयास के बाद टीम की जीत के हीरो बन गए।

आईपीएल-8 के 13वें मैच में अंतिम 2 गेंद फेंके जाने से पहले हैदराबाद को जीत के लिए 7 रनों की दरकार थी। नाथन कल्टर निले की पांचवीं गेंद पर बल्लेबाज आशीष रेड्डी ने वाइड यॉर्कर को शानदार रूम बनाते हुए छक्का के लिए खेल दिया। लेकिन इस शॉट को सीमा रेखा के पास हवाई उछाल लेते हुए कैच करने के ‌बजाए रन रोकने का प्रयास किया जिससे विपक्षी टीम को 6 रन की जगह सिर्फ 2 रन मिले।

मयंक ने होशियारी दिखाते सीमारेखा को पार कर रही गेंद को कैच करने का जोखिम न लेते अंदर पुश कर दिया। कैच लेने की स्थिति में वह संतुलन खोने पर गेंद सहित सीमारेखा के बाहर भी हो सकते थे। उनकी होशियारी ने दिल्ली को मैच जिताने में अहम भूमिका निभा दी साथ ही फिर साबित कर दिया कि फील्डिंग क्या भूमिका अदा कर सकती है। इससे पहले आईपीएल के अन्य मैच में दिल्ली के खिलाफ चेन्नई सुपरकिंग्स के सुरेश रैना ने एल्बी मोर्केल का पांचवीं गेंद पर चौका रोका था। दिल्ली यह मैच एक रन से हार गई थी।

इस तरह से हैदराबाद को अंतिम गेंद पर जीत के लिए 6 रन चाहिए थे लेकिन बल्लेबाज करन शर्मा कोई कमाल नहीं दिखा पाए और कैच आउट हो गए।
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