रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) की टीम बुधवार को अपने होमग्राउंड में जब सबसे निचले पायदान की टीम किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ आईपीएल मुकाबले में उतरेगी तो उसका लक्ष्य शीर्ष चार टीमों में अपनी स्थिति मजबूत करने का होगा।
दूसरी ओर पंजाब की टीम की कोशिश लगातार चार मैचों से मिल रही हार पर विराम लगाने की होगी। नौ में से सात मैच हार चुकी पंजाब की टीम की प्लेऑफ में खेलने की उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी हैं।
आरसीबी की टीम को सोमवार को चेन्नई सुपरकिंग्स के हाथों 24 रनों से हार का सामना करना पड़ा। पंजाब के खिलाफ बंगलोर का पलड़ा भारी नजर आता है। नौ में से चार मैच जीत चुकी बंगलौर चौथे स्थान पर है।
आरसीबी की टीम चेन्नई के खिलाफ मैच को भूल जाना चाहेगी जिसमें उसने 5.5 ओवरों में 27 रन देकर सात विकेट गंवा दिए थे। आरसीबी की टीम अभी तक अपने घरेलू मैचों में भी अच्छा नहीं कर पाई थी लेकिन पिछले मैच में दस ओवरों के मुकाबले में उसने कोलकाता नाइटराइडर्स को पराजित कर दिया था।
पिछले मैच में चेन्नई के खिलाफ बंगलोर के ओपनर क्रिस गेल नहीं उतरे थे। पंजाब के खिलाफ गेल, विराट और एबी डीविलियर्स पर बड़ा स्कोर करने की जिम्मेदारी रहेगी।
केकेआर के खिलाफ हीरो बने मनदीप सिंह पिछले मैच में रनआउट हो गए थे लेकिन उनके पास फिर प्रभावित करने का मौका रहेगा। पिछले मैच में 21 रन बनाने वाले डीविलियर्स भी बड़ी पारी खेलना चाहेंगे।
गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क के आने के बाद बंगलोर के अन्य गेंदबाज भी बेहतर करने के लिए प्रेरित हुए हैं। चेन्नई के खिलाफ डेविड वीस और हर्षल पटेल ने दो-दो विकेट लिए।
उधर बार-बार टीम में बदलाव करने से भी पंजाब को कुछ नहीं मिला है। ग्लेन मैक्सवेल और डेविड मिलर को बाहर बिठाने से कोई लाभ नहीं हुआ है। उनके बल्लेबाजों ने बेहद निराश किया है।
सहवाग, शान मार्श और मैक्सवेल कोई भी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। गेंदबाजी में मिचेल जानसन भी अब तक फ्लॉप ही रहे। तेज गेंदबाज संदीप शर्मा और बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल को छोड़कर पंजाब की गेंदबाजी में धार नहीं दिखी।