कैरेबियाई जमीन पर एक अदद जीत को तरस रही टीम इंडिया जब शुक्रवार को वेस्टइंडीज के सामने उतरेगी तो उसे टूनार्मेंट में बने रहने के लिए हर हाल में ये मुकाबला जीतना ही होगा। ये होगा तभी, जब ये 5 फैक्टर साथ देंगे..
कुछ तो करो कोहली
महेंद्र सिंह धोनी के चोटिल होने ही कोहली को कप्तानी क्या मिली, टीम इंडिया के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले विराट लगभग दोनों ही मैचों में विफल रहे हैं। मैदान पर अपनी अक्रामता के लिए पहचाने जाने वाले विराट न तो बल्लेबाजी में कमाल कर पा रहे हैं और न ही कप्तान की भूमिका में। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे मैच में पहले क्षेत्ररक्षण के उनके निर्णय की खासतौर पर आलोचना हुई है जिसने टीम को बुरी तरह हार मिली।
टॉप आर्डर चले तो वापसी संभव
टीम इंडिया के पास उम्मीद की किरण है जिसके भरोसे वह टूर्नामेंट में वापसी कर सकती है। बल्लेबाजी में विस्फेटक ओपनर रोहित शर्मा, शिखर धवन, सुरेश रैना, विराट कोहली, आलराउंडर रवींद जडेजा, मुरली विजय, दिनेश कार्तिक सरीखे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं। प्रदर्शन के साथ साथ रणनीति में सुधार और फोकस की बदौलत ये खिलाड़ी मैदान पर मैच का रूख किसी भी समय बदलने में सक्षम हैं।
गेंदबाजी में सुधार की गुंजाइश
बल्लेबाजी के साथ साथ भारतीय टीम में इस समय गेंदबाजी में भी सुधार की खासी जरूरत है। पिछले मैच में गेंदबाजों ने खासतौर पर निराश किया था। शमी अहमद ने 68, उमेश यादव ने 64, इशांत ने 68 और जडेजा ने 55 रन लुटाने के बावजूद कोई विकेट नहीं लिया, जबकि रविचंद्रन अश्विन ने अपने सबसे महंगे ओवर डालकर 67 रन पर मात्र एक विकेट हासिल किया।
क्षेत्ररक्षण में भी दिखाना होगा कमाल
कप्ताल कोहली खुद मानते हैं कि पिछले मुकाबलों में टीम इंडिया के खिलाड़ियों का क्षेत्ररक्षण कमजोर रहा। कई अहम कैच छोड़ने के कारण श्रीलंका का मुकाबला हाथ से फिसला। ऐसे में जरूरी है कि अपने घरेलू मैदान पर कमाल कर रही वेस्टंडीज टीम के सामने एक बार फिर उतरने से पहले चैंपियन भारत अपने खेल की समीक्षा करे। क्षेत्ररक्षण में खिलाड़ियों को पहले जैसी मुस्तैदी दिखानी होगी।
कैरेबियंस को रोकना होगा
मेजबान टीम अपने घरेलू मैदान में जबरदस्त प्रदर्शन कर रही है। अपने दोनों मुकाबले जीत चुकी वेस्टइंडीज टीम का मनोबल काफी ऊंचा है। क्रिस गेल, जान्सन चालर्स, कीरोन पोलार्ड, डैरेन सेमीए डैरेन ब्रावो जैसे खिलाड़ी कभी भी मैच का रूख पलट सकते हैं। वहीं, गेंदबाजी में आलराउंडर सैमी और मार्लोन सैम्युअल्स जैसे अच्छे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पहले भी टीम इंडिया के बल्लेबाजों को कम स्कोर पर रोक दिया था। टीम इंडिया अपना बेहतर खेल दिखाए तो पोर्ट आफ् स्पेन में भी दोनों टीमों के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है।