पिछले एक साल में टीम इंडिया को घरेलू मैदानों पर टेस्ट मैचों में मात मिली है। इस कारण भारतीय टीम का मनोबल जरूर गिरा होगा। फिर भी 22 फरवरी से शुरू हो रही ऑस्ट्रेलिया सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया जीत के साथ आगाज करना चाहेगी। वहीं कंगारुओं के पास भी टीम इंडिया के घरेलू मैदानों के प्रदर्शन को लेकर दबाव बनाने का मौका होगा।
महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया का लक्ष्य अपनी जमीं पर एक बार फिर खुद को साबित करने का होगा। 2012 में इंग्लैंड ने भारत को टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर टीम इंडिया का मनोबल तोड़ दिया था। उस सीरीज के बाद माना जाने लगा था कि धोनी की कप्तानी जा सकती है लेकिन धोनी को एक मौका और दिया गया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टीम इंडिया अनुभव के मामले में भले ही कच्ची हो लेकिन युवा ताकत के बल पर कंगारुओं को टीम इंडिया हरा सकती है। भारतीय टीम में सचिन, सहवाग, धोनी, हरभजन और इशांत के अलावा लगभग सभी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के सामने अनुभव के मामले में कम ही हैं।
चेन्नई टेस्ट में टीम इंडिया की तरफ से इन खिलाड़ियों पर नजर रहेगी। अगर ये खिलाड़ी अपने पूरे फॉर्म में खेलें तो ऑस्ट्रेलिया को हराने में कोई परेशानी नहीं होगी।
सचिन तेंदुलकर
भारतीय क्रिकेट को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले सचिन तेंदुलकर के लिए भी यह टेस्ट काफी अहम होगा। वनडे से गुमनाम संन्यास के बाद प्रशंसक उनके बल्ले से ब्लॉस्ट की उम्मीद कर रहे हैं।
वीरेंद्र सहवाग
खराब फॉर्म के चलते सीमित ओवरों के फॉर्मेट से करीब-करीब टीम इंडिया से बाहर हो चुके वीरेंद्र सहवाग पर सबकी नजर है। इस सीरीज में सहवाग बल्लेबाजी के दौरान अपनी टाइमिंग सुधारने के लिए चश्मा पहनकर खेलते दिखेंगे।
हरभजन सिंह
लंबे समय बाद अनुभव के आधार पर टीम में शामिल किए गए हरभजन पर सबकी नजर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में अपने सलेक्शन को सही साबित कर पाते हैं या नहीं।
भुवनेश्वर कुमार
वनडे और टी20 में अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवा चुके युवा तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए यह टेस्ट मैच किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगा।